ज्योति डोभाल संपादक
न्यू टिहरी, 15 अगस्त 2026: ऑल सेंट्स’ कॉन्वेंट स्कूल, न्यू टिहरी में शनिवार, 15 अगस्त 2026 को देशभक्ति, उत्साह और राष्ट्रीय गौरव के वातावरण में भारत का 80वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कार्यक्रम विद्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026–27 के अंतर्गत आयोजित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कमांडेंट श्री रमेश रतूड़ी थे, जिन्होंने लगभग 30 वर्षों तक सैन्य सेवा में राष्ट्र की सेवा की। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष महत्व प्रदान किया तथा विद्यार्थियों को देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय बैंड द्वारा मुख्य अतिथि के औपचारिक स्वागत एवं पारंपरिक तिलक समारोह से हुआ। इसके बाद अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का परिचय एवं स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया गया।
इसके पश्चात राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया, जिसके बाद वंदे मातरम्, राष्ट्रगान एवं राष्ट्रीय सलामी प्रस्तुत की गई। विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए देशभक्ति के नारों से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रप्रेम की भावना से गूंज उठा।
इसके बाद विद्यालय के विभिन्न हाउस द्वारा अनुशासित एवं आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया गया। मार्च-पास्ट में विद्यार्थियों ने अनुशासन, समन्वय, आत्मविश्वास और टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि का प्रेरणादायी संबोधन
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त कमांडेंट श्री रमेश रतूड़ी ने अपने संबोधन में भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि असंख्य वीरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को स्वतंत्रता दिलाई और आज हम उनके बलिदान के कारण स्वतंत्र भारत में जीवन जी रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करें और उनकी आज्ञा का पालन करें, मन लगाकर पढ़ाई करें तथा जीवन में श्रेष्ठ उपलब्धियाँ प्राप्त करने का प्रयास करें।
अपने लगभग 30 वर्षों के सैन्य अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय रक्षा सेवाओं में शामिल होकर राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश को केवल वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और इंजीनियरों की ही आवश्यकता नहीं है, बल्कि ऐसे समर्पित, अनुशासित और साहसी रक्षा कर्मियों की भी आवश्यकता है जो देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए राष्ट्र की सेवा कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों को डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और मदर टेरेसा जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन में सेवा, अनुशासन, विनम्रता, समर्पण और परिश्रम को स्थान दें।
मुख्य अतिथि ने विशेष रूप से विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शरीर और मन को स्वस्थ रखें, नियमित रूप से खेलों में भाग लें और जीवन में सर्वोत्तम प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम
इसके बाद विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम में निम्न प्रस्तुतियाँ शामिल रहीं:
1. जलियांवाला बाग पर देशभक्ति नृत्य-नाटिका – इस प्रस्तुति के माध्यम से जलियांवाला बाग की ऐतिहासिक एवं हृदयविदारक घटना तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को दर्शाया गया।
2. विद्यार्थी द्वारा देशभक्ति भाषण – स्वतंत्रता दिवस के महत्व तथा देश के प्रति युवा पीढ़ी के कर्तव्यों पर प्रकाश डाला गया।
3. देशभक्ति नृत्य – “संदेसे आते हैं” – देश की रक्षा में लगे वीर सैनिकों को समर्पित भावपूर्ण प्रस्तुति।
4. “मदरलैंड की मधुर धुनें” (Melodies of the Motherland) – मातृभूमि के प्रति प्रेम एवं सम्मान को व्यक्त करने वाली संगीतमय प्रस्तुति।
5. देशभक्ति का संदेश – विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का बोध कराने वाली प्रेरणादायी प्रस्तुति।
6. देशभक्ति नृत्य – “वंदे मातरम्” – मातृभूमि के प्रति प्रेम, सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को अभिव्यक्त करने वाली प्रस्तुति।
7. मेडली – “माँ तुझे सलाम” – मातृभूमि को समर्पित भावपूर्ण एवं जोशीली संगीतमय प्रस्तुति।
इन सभी प्रस्तुतियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, अनुशासन तथा देशभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
खेलकूद प्रतियोगिता का उद्घाटन
स्वतंत्रता दिवस समारोह के अंतिम चरण में विद्यालय के खेलकूद समारोह का उद्घाटन किया गया। खेलकूद गतिविधियों का उद्देश्य विद्यार्थियों में शारीरिक स्वास्थ्य, अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और खेल भावना का विकास करना है।
मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा शारीरिक रूप से स्वस्थ एवं चुस्त रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और अनुशासित मन जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
विद्यालय परिवार की सहभागिता
समारोह में फादर टी. जे. जोस, प्रबंधक; सिस्टर दीपांतो, प्रधानाचार्या; डॉ. विक्रम सिंह कठैत; श्रीमती राशिका; साक्षी; शिखा; चरमजीत; ममता; सोनू सर; आयुष; संगीता सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन एवं निर्देशन विद्यालय के समर्पित शिक्षकगण एवं स्टाफ द्वारा किया गया। सभी के सामूहिक प्रयास, अनुशासन एवं समन्वय से समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
समारोह का समापन स्वतंत्रता, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, देशभक्ति, सेवा और जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों को बनाए रखने तथा राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।



