ज्योति डोभाल संपादक
चम्बा : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस (12 जून) के अवसर पर,माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल श्री नितिन शर्मा के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल श्री दयाराम के तत्वावधान में एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जनता, व्यापारियों और बच्चों को बाल श्रम के कानूनी दुष्परिणामों और बच्चों के मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
शिविर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनका स्थान कारखानों या ढाबों में नहीं, बल्कि स्कूलों में है। सचिव महोदय ने बताया कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम करवाना कानूनन अपराध है। बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) संशोधन अधिनियम के तहत ऐसा करने वाले नियोक्ताओं (मालिकों) के खिलाफ भारी जुर्माने और जेल की सजा का प्रावधान है। साथ ही उपस्थित लोगों को अपने आस-पास बाल श्रम को रोकने और इसकी सूचना तुरंत प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर (1098) पर देने की अपील की गई। इस अवसर पर कई वक्ताओं द्वारा अपने-अपने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किये गए।
इस अवसर परअध्यक्षा नगर पालिका परिषद चम्बा शोभनी धनोला, अध्यक्ष व्यापार मंडल चम्बा बलवीर सिंह पुंडीर, सफाई निरीक्षक पूजा रतूड़ी, डिप्टी लीगल ऐड डिफेन्स काउंसल बीना सजवाण, रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मियां, सभासद नगरपालिका परिषद् चम्बा अरविन्द मखलोगा, महेश पैन्यूली, नगरपालिका परिषद चम्बा कर्मचारीगण, पर्यावरण मित्रगण, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल के अधिकार मित्र आदि उपस्थित रहे।


