रिपोर्ट .वीरेंद्र सिंह नेगी
उत्तरकाशी : उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में उत्त्तरकाशी में कुछ दिनों मे सबसे तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले पुष्ट हुए है, आज तक के टोटल आकड़े दस हो चुके है .ऐसे में जिला प्रशासन बहुत सख्ती से क्वारेंटीन और शोसल डिस्टेनसिंग का पालन करवा रहे है।
डीएम व पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी मेहनत कर जिले में प्रवेश करने वालों को 14 दिन के लिए क्वारेंटीन किया जा रहा है, संज्ञान में आया है कि बीते दिन जिले से कुछ अधिकारी बैठक के लिए देहरादून गए थे, जिनको भी प्रशासन ने एहतियातन क्वारंटीन किया हुआ है।
लेकिन सत्ताधारी दल के नेता प्रशासन की मेहनत को पलीता लगा रहे है।
सूत्रो के अनुसार भाजपा के नेता प्रदेश महामंत्री संगठन बीते दिनों देहरादून से (जो covid 19 के दृष्टिगत संवेदनशील है) उत्तरकाशी पहुंचे है।
नियमानुसार इन्हें 14 दिनों के लिए क्वारेंटीन किया जाना था, लेकिन सत्ता के रौब में इन्होंने जनपद की सीमा में प्रवेश ही नही किया बल्कि चिन्यालीसौड़ मे कोरोना से बचाव की सामाग्री भी बांटी। और तो और इसके अगले ही दिन मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक भी की।
अब सवाल ये है कि क्या सिर्फ आम जनता के लिए ही ये क्वारंटीन की सुविधा की गई है?
आखिर किस नियम के तहत इन महारथियों को बिना क्वारेंटीन खुली छूट दी गयी?
जहां आम लोगों को प्रशासन द्वारा कड़ी एहतियात बरतने की लगातार नसीहत दी जा रही है वही सत्तासीन नेताओं को बिना जांच और क्वारेंटीन के भेजा जा रहा है, जो संक्रमण फैलाने का संगीन जुर्म है। पिछले दिनों अनेक मामलों में जिला प्रशासन ने क्वारंटीन का उल्लंघन और संक्रमण फैलाने के जुर्म में IPC की बिभिन्न धाराओं के अंतर्गत कई लोगों पर मुकदमे भी दर्ज किए है। बहरहाल अब देखना ये होगा कि मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बावजूद इन माननीयों पर क्या कार्यवाही की जाती है?


