पूर्व गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण ने कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर की चिंता व्यक्त

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रिपोर्ट .वीरेंद्र सिंह नेगी 
उत्तरकाशी : पूर्व विधायक व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष विजयपाल सजवाण ने उत्तराखंड समेत जनपद उत्तरकाशी में कोरोना के बढ़ते संक्रमितों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से इसे रोकने के कारगर उपायों पर गहनता से विचार करने की मांग की। 

उन्होंने कहा कि हाल के कुछ ही दिनो मे यकाएक बढ़ी संक्रमितों की संख्या प्रदेश भर में 173 पार कर गयी तो वहीं उत्तरकाशी में भी यह संख्या दहाई में पहुंच गई है।

 प्रवासियों की समुचित घर वापसी के मामले में सरकार द्वारा पूरी तरह से लापरवाही बरती गई। उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा लॉकडाउन के पहले दिन से ही बाहर से आने वाले प्रवासियों को राज्य की सीमा पर संस्थागत कवारेंटीन करने का सुझाव दिया गया था किन्तु सरकार द्वारा इस पर कोई अमल नही किया गया।

 परिणाम आज सबके सामने है, प्रवासियों की वापसी के दौरान की जा रही प्रशासनिक चूक की वजह से पहाड़ों में कोरोना का कहर टूट रहा है। यदि अभी भी स्थिति पर गहनता से विचार नही किया गया तो स्थिति विस्फोटक होने में देर नही लगेगी।

 उन्होंने कहा कि अकेले  ऋषिकेश AIMS  में ही 10000 कि क्षमता का आईसोलेशन है। देहरादून हरिद्वार मे भी अनेकों ऐसे संस्थान है जहां क्वारेंटीन किये जा सकते है, उंसके बाद भी जनपद की सीमा के नजदीकी भी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा सकती है
 सजवाण  ने कहा कि  कोरोना कोविड 19 महामारी से अभी तक सबसे ज्यादा हमारे प्रवासी भाई-बहिन ही प्रभावित हुए है।

 उनके लिए ये महामारी बड़ी चुनौती बनकर सामने आयी है। लाखों प्रवासी/मजदूर अपने परिवार व बच्चों के साथ मूल स्थान तक पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करते हुए सड़कों पर चल रहे हैं।

 अनेक शहरों और रास्तों से गुजरते हुए ये संक्रमण की जद मे भी आ रहे है। इस कठिन समय में यह हमारा दायित्व है कि राजनीति को भुलाकर इन सबका साथ निभाएं। और इनके बचाव के लिए राज्य की सीमाओं पर ही संस्थागत क्वारेंटीन की व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे इनकी सुरक्षा के साथ-साथ पहाड़ों में भी महामारी के फैलने पर रोकथाम लग सके।
सजवाण क़ा कहना है .हम पूरी तरह से इस मुश्किल घड़ी में सरकार के साथ खड़े है, लेकिन सरकार के कुछ निर्णय व्यवहारिक रूप से स्वीकार्य नही है, प्रवासियों की घर वापसी के मामले में सरकार अभी तक समुचित व्यवस्थाएं नही जुटा पा रही है।
प्रवासी भाई-बहिनों को क्वारेंटीन केंद्रों में हो रही व्यवहारिक कठिनाइयों और पंचायत प्रतिनिधियों को हो रही दिक्कतों के चलते अनेक जगहों से झगड़े व मुकदमों की खबरों से भी आहत हूँ। सरकार ने इस कठिन समय मे पंचायतों पर ही सभी प्रकार की व्यवस्था का जिम्मा सौंपा है जो कतई व्यवहारिक नही है। ग्राम प्रधानों को पहले ही बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री की भारी किल्लतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल की स्थिति के हिसाब से उत्तराखंड सहित उत्तरकाशी जनपद में कुछ दिनों में ही बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों की पुष्टि होना चिंताजनक है। इसी संदर्भ में  उच्च न्यायालय ने भी राज्य सरकार को बाहर से आने वाले प्रवासियों को सीमा पर ही संस्थागत क्वारेंटीन किये जाने का निर्देश दिया है, किन्तु सरकार इसके लिए तैयार नही है। जबकि स्थिति के हिसाब से समय रहते ऐसा नही किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि समय के अनुसार असल परीक्षा अब शुरू हुई है, मे आप सबसे विनती करता हूँ कि एहतियात के तौर पर जो भी सावधानी हो पूरी निष्ठा के साथ उसका अनुपालन करें। लॉकडाउन के नियमों का असली पालन करने का समय अब ज्यादा कारगर है। अपनी सुरक्षा खुद आपके हाथों में है, एहतियातन अभी अनावश्यक घरों से बाहर न निकले, जरूरी काम होने पर ही मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग करने के उपरांत ही बाहर निकले। इस कठिन वक्त मे कांग्रेस पार्टी के हमारे जितने भी कार्यकर्ता सक्षम है अपने आसपास के गरीब, असहाय और लाचार लोगों की जरूर मदद करें, मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। ये समय राजनीति से इतर इंसानियत को जिंदा रखने का है।

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