ज्योति डोभाल संपादक
बड़कोट (जाखणीधार)। ग्राम पंचायत बड़कोट में ग्राम प्रधान छंछर सिंह बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने गांव में शराबबंदी लागू करने के साथ ही नशामुक्ति एवं सामाजिक सुधार को लेकर सामूहिक संकल्प लिया। बैठक में ग्राम समाज सुधार समिति का गठन कर ग्रामीणों ने शराब व अन्य नशे से होने वाले दुष्प्रभावों से समाज को बचाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का निर्णय लिया।
ग्राम प्रधान छंछर सिंह बिष्ट ने कहा कि गांव में शराबबंदी की व्यवस्था का सभी ग्रामीणों को पालन करना होगा। व्यवस्था का उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध ग्राम स्तर पर तय व्यवस्था के अनुसार आर्थिक दंड एवं सामाजिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से शराबबंदी को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
‘शराब नहीं संस्कार’ मुहिम के प्रणेता सुशील बहुगुणा ने कहा कि गांव का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब समाज स्वस्थ, संस्कारित और नशामुक्त हो। उन्होंने कहा कि “शराब नहीं संस्कार” मुहिम का उद्देश्य नशामुक्त समाज, संस्कारित समाज और सशक्त राष्ट्र की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाना है। बड़कोट में ग्रामीणों द्वारा लिया गया यह सामूहिक संकल्प आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।
ग्राम समाज सुधार समिति की अध्यक्ष अंजली पंवार ने कहा कि समिति ग्रामीणों की सहभागिता से नशामुक्ति, नशामुक्त विवाह, युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लगातार जनजागरूकता अभियान चलाएगी। उपप्रधान दौलत सिंह ने समिति के गठन का स्वागत करते हुए ग्रामीणों से अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया।
समिति में अंजली पंवार अध्यक्ष, मुन्नी देवी उपाध्यक्ष, प्रीति पंवार सचिव, रेखा देवी सह-सचिव तथा सुमन देवी कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा दिनेश, सुमिता देवी, प्रिया देवी, सुमन देवी, सरस्वती देवी, गुड्डी देवी और सोनिका देवी को सदस्य बनाया गया।
कार्यक्रम के अंत में ‘शराब नहीं संस्कार’ मुहिम के जगदीश बडोनी एवं लक्ष्मी बहुगुणा ने ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त एवं संस्कारित बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।