ज्योति डोभाल संपादक
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्यों की वरिष्ठ सदस्य श्री महेन्द्र शर्मा जी के मार्गदर्शन में एवं बी०के०टी०सी० सदस्य दिनेश डोभाल के संयोजन में एक वर्चुअल बैठक सम्पन्न हुई।
यह जानकारी देते हुए मंदिर समिति के सदस्य देवीप्रसाद देवली ने बताया कि वर्चुअल बैठक में बी०के०टी०सी० सदस्यों ने मानसून सत्र में सुरक्षित व सुव्यवस्थित यात्रा विषयक सहित श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति पर लगे विभिन्न आरोपों पर विचार विमर्श किया गया। मंदिर समिति सदस्यों ने कहा कि श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति वर्ष1939के एक्ट के तहत संचालित है जिसमें सभी व्यवस्थाओं का संचालन पूर्व से दान व चढ़ावे की राशि से होता आया है। व्यवस्था गत कमीयों एवं खामियों के बहाने धामों की प्रतिष्ठा पर ठेस पहुंचाना किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता है।
साथ ही मंदिर समिति सदस्यों पर यात्रा भत्ता राशि को लेकर नोबल मीडिया में लगे सभी आरोपो को एक शीरे से नकारते हुए कहा गया कि सभी सदस्यों ने बोर्ड बैठकों, उपसमिति की बैठको एवं मंदिर समिति के विभिन्न कार्यों के उद्देश्य से की गई यात्राओं का बी०के०टी०सी बोर्ड एक्ट में निहित प्राविधानो के तहत सरकार द्वारा अनुमन्य यात्रा भत्ता लिया गया है। सदस्यों ने कहा कि आरोप लगाने वालों को यह संज्ञान में आना चाहिए कि यह राज्य स्तरीय समिति है जबकि जिला स्तरीय समितियों में सदस्यों तक चालीस हजार रूपए की धनराशी मासिक दिये जाने का प्राविधान है ।
जिसके सापेक्ष यह राशि बहुत कम है। जबकि मंदिर समिति के सदस्यों को मंदिर समिति कीव्यवस्थाओं कार्यों एवं हेतु कई किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है।
सदस्यों ने कहा है मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के संज्ञान में आते ही मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लिया गया है आरोपी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर आन्तरिक चार सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया था।
मुख्य मंत्री जी द्वारा चढ़ावा चोरी को महापाप बताते हुए आयुक्त गढ़वाल मंडल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी गई है जिस की जांच गतिमान है।
जांच रिपोर्ट आने तक सभी को आन्दोलन की धमकी दिए जाने के बजाय धैर्य धारण करना चाहिए।
मंदिर समिति के सदस्य धीरज पंचभैय्या (मोनू) ने कहा कि है , मंदिर समिति पर झूटा आरोप लगाने वालों व्यक्तीयों एवं पोर्टल के खिलाफ बैधानिक कार्य वाही किये जाने पर भी गम्भीरता से विचार किया जाना चाहिए तथा बी०के०टी०सी०में कार्य करने वाले परिश्रमी एवं ईमानदार अधिकारियों व कर्मचारियों को पुरस्कृत किए जाने एवं मंदिर समिति के कर्मचारियों के पदोन्नति आदि विभिन्न प्रकरणों का समय बद्ध निस्तारण करवायें जाने तथा मंदिर समिति में रहकर मंदिर समिति की साख पर बट्टा लगाने के लिए खबरीयों की भूमिका निभाने वाले जयचन्दो की पहिचान किये जाने हेतु मंदिर समिति के प्रशासन से आग्रह किया जाना
चाहिए।
बैठक में दिनेश डोभाल ने कहा कि मंदिरो की व्यवस्थागत कमीयों व खामीयों के बहाने मौजूदा दौर में देश भर में मात्र हिन्दूओं के धार्मिक स्थलोंको की कमीयों व खामीयों के बहाने सनातन परंपरा व संस्कृति को निशाने पर लिया जा रहा है।
धामों की प्रतिष्ठा एवं सनातन परंपरा का संरक्षण सर्वोपरी है
उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति को और अधिक सर्तकता बरते हुए मंदिर समिति की सभी व्यवस्थाओं में आमूल-चूल परिवर्तन करते हुए आधुनिक तकनीक का स्तेमाल करना चाहिए।
राजपाल जड़धारी ने कहा कि श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा चारधाम के यात्रा प्रवेश स्थल ऋषिकेश में समिति कार्यालय सिफ्ट करने से हजारों यात्रियों को यात्रा से सम्बन्धित विभिन्न जानकारियों की सुविधा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में आया है श्री बद्रीनाथ धाम में प्राथमिक दर्शन धनराशि लेकर पर्ची व्यवस्था से लाखों यात्रीयों की भीड़ नियंत्रण करने का एक तात्कालिक र्निणय था एवं जिससे मंदिर समिति की आय बढ़ाने में भी मदद मिली है।
राजेन्द्र डिमरी ने कहा सूचना अधिकार के तहत सूचना लेकर मंदिर समिति के सम्बन्ध में तथ्यों एवं वास्तविकता से हटकर भ्रामक एवं झूटा प्रचार होने से धामो की प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही हैं।
मंदिर समिति के सदस्य प्रल्हाद पुष्पवान एवं डा०बिनीत,पोस्ती ने कहा कि अधिकांस शोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया द्वारा एक पक्षीय आरोप से सम्बन्धित समाचार प्रसारित एवं प्रकाशित किए जा रहे हैं। जबकि मंदिर समिति की उपलब्धियों एवं मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा मंदिर समिति के हित में किए जा रहे कार्यो का कोई जिक्र नहीं किया जा रहा है।
इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उत्तराखण्ड में स्थित प्रसिद्ध धामों की छवि धुमिल करने की सुनियोजित शाजिस के तहत की जारही है।
राकेश भण्डारी,व श्रीमती कमला बगवाड़ी ने कहा कि
श्री बद्रीनाथ धाम एवं केदारनाथ धाम करोड़ो लोगो के आस्था के केन्द्र है इन धामों में कोई व्यवस्था गत कमी होने का बहाना बनाकर बीना किसी ठोस साक्ष्य के आरोप लगाकर धामों की प्रतिष्ठा को क्षती पहुंचाने एंव करोड़ो लोगों की धार्मिक आस्था व भावनाओं पर चोट पहूंचाने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
बी०के०टी०सी० सदस्यो की वर्चुअल बैठक का मार्गदर्शन करते हुए महेंद्र शर्मा ने कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों एवं सदस्यों के संयुक्त शिष्टमंडलो को देश के विभिन्न प्रसिद्ध मंदिर स्थलों का भ्रमण कर वहां पर भीड़ नियंत्रण किये जाने एवं सुरक्षा आदि व्यवस्थाओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट मंदिर समिति को सौंपे जाने का प्रस्ताव रखा जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बी०के०टी०सी सदस्यों की ओर से सर्व सम्मति से श्री बद्रीनाथ धाम से सम्बन्धित विषयों पर मंदिर समिति के सदस्य राकेश भण्डारी तथा केदारनाथ धाम के विषयों के लिए डा०विनीत पोस्ती को अधिकृत किया गया है।
तथा यह भी र्निणय लिया गया है कि प्रत्येक माह के अन्तिम रविवार को सुबह नौ बजे बी०के०टी०सी सदस्यों
की वर्चुअल बैठक आहूत की जायेगी।।


