ज्योति डोभाल संपादक
टिहरी : उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल नितिन शर्मा के आदेशानुपालन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल दयाराम द्वारा गुरुवार 30 जुलाई को राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार में "विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस" के अवसर पर विशेष विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में उपस्थित छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए सचिव द्वारा कहा गया कि "विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस" का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों को मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति जागरूक करना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना है। मानव तस्करी वर्तमान समय में मानवाधिकारों का सबसे बड़ा हनन है, जिसमें मुख्य रूप से महिलाओं और बच्चों को देह व्यापार, बंधुआ मजदूरी, और अंगों की तस्करी के लिए शिकार बनाया जाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को मानव तस्करी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में शिक्षित करना तथा पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास के लिए उपलब्ध मुफ्त कानूनी सहायता हेतु जागरूक करना है।
वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशासक रश्मि ने अवैध मानव व्यापर वन स्टॉप की कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी दी गयी l
राजपाल सिंह मियां रिटेनर अधिवक्ता ने नेशनल इमरजेंसी नंबर 112 , पुलिस - 100 , चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन नंबर 1091, cmhelpline नंबर 1905, नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में जानकारी दी साथ ही अवैध मानव तश्करी में महिलाओ, लड़कियो के हो रहे अवैध मानव तश्करी से बचाव से सम्बंधित जानकारी दी गयी तथा संबंधित नरसिंग कॉलेज में विधिक सहायता क्लिनिक का भी उद्धघाटन किया गया। उक्त शिविर में प्रभारी प्रचार्य राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार, टिहरी गढ़वाल , वन स्टॉप सेंटर की केन्द्र प्रशाशक रश्मि, राजपाल सिंह मियाँ रिटेनर अधिवक्ता , पीएलवी, राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार, टिहरी गढ़वाल के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।