लोक गायक के बेटे की शादी काकटेल मुक्त " ( शाकाहारी भोजन का लिया स्वाद)

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 डी पी उनियाल गजा    



  विकास खंड चम्बा के नैचोली गाँव निवासी सुप्रसिद्ध लोक गायक दिनेश उनियाल ने अपने बेटे की शादी में " शराब नही संस्कार " मुहिम को बढावा दिया, लोक गायक दिनेश उनियाल ने अपने बेटे नीरज उनियाल की मेहंदी रस्म मे अतिथियों (मेहमानों) को नशामुक्त आतिथ्य सत्कार किया, उनियाल ने बताया कि समाज में मेंहदी रस्म के दिन काकटेल पार्टी करने का कुप्रचलन हो रहा है जो कि भविष्य के लिए कष्टदायक होगा, शादी, मुंडन जैसे शुभ अवसरों पर अपने ईष्ट देवी देवताओं का पूजन करते हैं वहीं मांस व शराब को परोसते हैं, जो कि हमारी संस्कृति के विपरीत है। दिन प्रतिदिन काकटेल पार्टी पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। बताते चलें कि दिनेश उनियाल ने अनेक सामाजिक जागरुकता के गढवाली गीतों की रचना कर गाया है, कहा कि नशा मुक्त शादी करना भी सामाजिक जागरुकता जनचेतना का संदेश है। इस अवसर पर नगर पंचायत गजा अध्यक्ष कुंवर सिंह चौहान, डा. अशोक डंगवाल, डी पी उनियाल, जगदंबा प्रसाद उनियाल, ओम प्रकाश उनियाल, प्रधान मदन लाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राम कृष्ण नौटियाल, विजयराम, विनोद बहुगुणा व अन्य लोगों ने काकटेल मुक्त शादी करने की सराहना की है।



         वनों की अग्नि से रक्षा हेतु अपील

वनाग्नि सुरक्षा हेतु निम्न बिन्दुओं पर ध्यान दें, वनों की सुरक्षा में सहभागी बनें

यदि किसी वन क्षेत्र में आग दिखाई दे तो तुस्ना इसकी सूचना निकटस्थ वन कर्मचारी, वन विभाग के रेंज कार्यालय अथवा निकटवर्ती वन अग्नि सुरक्षा केन्द्र में अवश्य दें।

वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा आग बुझाने में मदद मांगने पर अवश्य प्रदान करें, यदि अग्नि छोटी मात्रा में हो या दुर्घटनावश लग गयी है तो आग को तत्काल बुझा दें।

यदि आप किसी को वन में आग लगाते देखते है, तो उसे रॉके तथा उसकी रिपोर्ट वन विभाग कार्यालय या निकटवर्ती पुलिस थानें में दें। भारतीय वन

अधिनियम के अन्तर्गत वन क्षेत्र में आग लगाना दण्डनीय अपराध है।

वनों की अग्नि से सुरक्षा हेतु निम्न सावधानी बरतें

जलती सिगरेट, बीढ़ी या दिया-सलाई मत फंकिये। लापरवाही से फेकी गयी एक दिया-सलाई से हजारों पेड़-पौधे एवं वन्यजीव जलकर नष्ट हो जाते हैं।

मवेशियों की घास के लिए वन क्षेत्र में आग मत लगाईये इससे कालान्तर में नुकसान होगा।

घर के चारों ओर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

शादी एवं विभिन्न समारोहो के दौरान पटाखे छोड़ने से वनों में आग लगने की सम्भावना रहती है। अतः वनों के समीप पटाखों का प्रयोग न करें।

पिकनिक के समय खाना बनाने के बाद जलती आग न छोड़े, इस भली-भांति बुझाकर ही जायें।

कृपया अपने खेतों में आहे सुबह तथा सावधानी पूर्वक जलायें एवं पूरी तरह बुझाने के बाद ही स्थल से जायें।

व्यक्तिगत रंजिश या शरारत से प्रेरित होकर वनों में आग लगाकर राष्ट्रीय क्षति न करें।

लोक निर्माण विभाग, सीमा सड़क संगठन द्वारा सड़कों के डामरीकरण कार्यों के दौरान अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए प्रत्येक दिन कार्य समाप्ति के

उपरान्त आग भली-भांति बुझाकर ही जायें।

वनों में आग लगने की सूचना निम्न दूरभाष नम्बरों पर दें-

प्रभागीय वनाधिकारी, टिहरी वन प्रभाग      01376-232077

(कार्यालय) (मोबाइल)                                   01376-232077

मास्टर कन्ट्रोल रूम, नई टिहरी                        9412076133       

वन क्षेत्राधिकारी टिहरी राजि                             9997203128                   

वन अधिकारी, लामगांव राज                          9582742436

वन क्षेत्राधिकारी, पौखाल राजि                       9410195792

वन क्षेत्राधिकारी, बालगंगा राजि                      8449697677

वन क्षेत्राधिकारी, भिलंगना राजि                      7895882167


                          वन बचाओं, जीवन बचाओं

निवेदक प्रभागीय वनाधिकारी, टिहरी वन प्रभाग, नई टिहरी















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