रिपोर्टः ज्योति डोभाल
टिहरी : राडस अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने मुख्यमंत्री को चिठ्ठी लिखी है जिसमें उन्होने कहा कि सरकार संस्थागत क़्वारण्टीन करने की जिम्मेदारी खुद ले जिसके लिये धन की व्यवस्था टिहरी महोत्सव कुम्भ मेला व कांवड़ पर होने वाले धनराशि से कर सकती है ၊
उन्होने कहा कि प्रदेश में प्रवासियों की आमद के साथ ही कोरोना संक्रमितों की लगातार बढ़ती संख्या चिंताजनक है । स्थिति यह है कि प्रवासियों को वापस लाने की कवायद शुरू करने के बाद महज 21 दिनों में संक्रमितों की संख्या 15 गुना हो चुकी है । इसमें कुछ मामले ऐसे भी मिले हैं जिनमें कोरोना पॉजिटीव अपने घरों तक पहुंच गए थे । यह स्थिति किसी भी लिहाज से सही नहीं कही जा सकती । दरअसल , प्रदेश सरकार का अभी तक पूरा जोर दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासियों को होम क्वारंटाइन करने पर ही था । सरकार इससे दो मकसद हल करना चाहती थी । एक यह कि इससे संस्थागत क्वारंटाइन करने का भार नहीं पड़ रहा था और दूसरा यह माना गया कि इनके घर पर रहने से संक्रमण का खतरा कम होगा मगर सरकार की यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हुई । कारण यह कि प्रवासी बहुत ही कम स्थानों पर होम क्वारंटाइन के
नियमों का अनुपालन करते नजर आ रहे हैं । यही कारण है कि प्रदेश के विभिन्न स्थानों से वापस आने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के बीच इसी मसले को लेकर झड़पों की सूचनाएं भी आई । यहां तक कि संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्ति संस्थागत क्वारंटाइन न होने के कारण कई लोगों के संपर्क में आ रहे हैं जिससे सामुदायिक संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है । सबसे बड़ी बात यह कि अब पहाड़ के उन जिलों में भी कोरोना पहुंच चुका है जहां इनकी संख्या शून्य या नगण्य थी ।
महोदय यह संख्या ज्यादा न हो कम से कम आगे आने वाले मे यह ज्यादा न फैले इसके सरकार अपनी देखरेख मे 14दिन तक गहन जाँच पर संस्थागत क़्वारण्टीन करने की जिम्मेदारी खुद ले जिसके लिये धन की व्यवस्था टिहरी महोत्सव कुम्भ मेला व कांवड़ पर होने वाले धनराशि से कर सकती है |
कांवड़ मेला जुलाई मे होने के कारण इसमे लोगों को बुलाना खतरे से खाली नही होगा साथ ही टिहरी महोत्सव इस साल होने के चांस कम है अतः उस धनराशि को संस्थागत क़्वारण्टीन पर खर्च किया जाना चाहिए |
जिससे इस महामारी के प्रभाव कम किया जा सकता है ၊


