रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी 'निशांत'।
जगधार/ रानीचौरी : मखलोगी प्रखंड अंतर्गत स्व. श्री डिमेश्वर प्रसाद कोठारी के एकोदिष्ठ श्राद्ध के अवसर पर परिवार जनों के द्वारा श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान कथा यज्ञ का आयोजन किया गया है।
श्रीमती प्रेमवती कोठारी और उनके पुत्र राकेश, रमेश और राजेश पितरों के उद्धार हेतु ज्ञान यज्ञ करवा रहे हैं।
व्यास पीठ पर आसीन आचार्य प्रवीन उनियाल जी के मुखारविंद से श्रोता सात दिन ज्ञान कथा का श्रवण करेंगे। प्रथम दिवस कलश यात्रा के बाद विधि विधान और धार्मिक अनुष्ठान के साथ यज्ञ आरंभ हुआ। गांव, स्थानीय गांवों और दूर- दराज से बंधु- बांधव, रिश्तेदार और सामाजिक लोग शामिल हुए।
ज्ञान यज्ञ में श्री दयाराम, अनंत राम और रोशन लाल कोठारी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
स्व डिमेश्वर प्रसाद कोठारी के छात्र रहे साहित्यकार सोमवारी लाल सकलानी 'निशांत' बताते हैं कि वे एक आदर्श शिक्षक के रूप में जाने जाते रहे। सन 1965 में जूनियर हाई स्कूल पुजार गांव से शिक्षक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद रा इ का रानीचौरी से हुए लगभग 42 वर्ष की सेवा करने के उपरांत सेवानिवृत्त हुए। इस बीच उन्होंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगुण, रा इ का पुजार गांव, नागराजा धार (बमुण्ड), छापराधार और द्वारीखाल (पौड़ी) में भी सेवाएं दी।
उनके पढ़ाए छात्र आज देश- विदेश में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। स्वयं उनका पोता अतुल कोठारी इंग्लैंड में इंजीनियर है तथा पोती पूनम कोठारी उत्तराखंड ग्रामीण बैंक में नई टिहरी में सेवारत है। तीनों पुत्र सपरिवार संपन्न हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने अनेक सामाजिक कार्य किये। गांव में मंदिर का निर्माण तथा "कोठारी वंश" नामक पुस्तिका भी उन्होंने प्रकाशित की।
इस मौके पर सावित्री,नीलम,आशा, ग्राम प्रधान स्वाति कोठारी,संजय बहुगुणा, सुधीर बहुगुणा, मारकंडे बडोनी, जगदीश प्रसाद डोभाल, योगेश्वर उनियाल, योगेश कोठारी, सतीश बडोनी आदि उपस्थित थे।


