ज्योति डोभाल संपादक
टिहरी : जनपद के उन ग्रामीण क्षेत्रों में, जहाँ अब भी घर पर प्रसव (होम डिलीवरी) की परंपरा प्रचलित है, वहां सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी) को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक स्तर पर गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
कार्यक्रम में चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (चो) एवं एनएम सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव के लाभों के बारे में सरल एवं प्रभावी तरीके से जानकारी दी जा रही है। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम स्तर के प्रभावशाली व्यक्तियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि जागरूकता का संदेश घर- घर तक पहुँच सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 अप्रैल 2026 से आगे निरंतर स्वास्थ्य शिविरों (हेल्थ कैंप) का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचाई जा सकें। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य जनपद में 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना तथा घर पर प्रसव की प्रथा को पूर्णतः समाप्त करना है।
स्वास्थ्य विभाग के इस सराहनीय पहल से जनपद में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है तथा सुरक्षित मातृत्व की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।


