Team uklive
टिहरी : आज दिनांक 17 दिसंबर 2022 को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी व उद्यान विभाग अंतर्गत शील बायोटेक लिमिटेड के द्वारा एक दिवसीय कृषक जागरूकता एवं कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे कृषको को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।
इस कार्यक्रम में केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ आलोक येवले द्वारा प्राकृतिक खेती के चार सिद्धांतो जैसे बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन व वापसा आदि के बारे चर्चा की तथा उन्होंने मृदा को संरक्षित के लिए प्राकृतिक खेती पद्धति का महत्त्व के संबद्ध में जानकारी साँझा की।कार्यक्रम में केंद्र की मृदा वैज्ञानिक एवं नोडल अधिकारी डॉ० शिखा द्वारा प्राकृतिक खेत का महत्व व इसकी आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया जिसमे कम से कम लागत में खेती करने व अपने आसपास मौजूद संसाधनो का प्रयोग करके खेती करने के लिए प्रेरित किया साथ ही यह भी बताया की इससे किसानो को बाजार से खाद एवम उर्वरक तथा कीटनाशी आदि रसायन लाने की जरुरत नहीं पड़ती जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन होता है। केंद्र के पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ० सचिन कुमार ने प्राकृतिक खेती में फसल सुरक्षा के अंतर्गत पौधसत्र, अग्निस्त्र का प्रशिक्षण दिया साथ ही जंगली जानवरो से फसलों के बचाव सम्बंदित जानकारी दी व किसानो को वैज्ञानिक तरीके से खेत करने के लिए अग्रसर किया इसके साथ ही वैज्ञानिको द्वारा किसानो को केंद्र में बीजामृत जीवामृत व घनजीवामृत आदि बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया।इस कार्यक्रम में टिहरी गढ़वाल के नरेंद्र नगर ब्लॉक के ४० से अधिक किसान व वानिकी महाविद्यालया रानीचौरी के बीएससी कृषि के २० प्रशिक्षु विद्यार्थी ने प्रतिभाग किया। इस मौके में उदित जोशी, विनोद रमोला,बृजेश,विमल,दीवान सिंह, रमेश चौहान, लक्ष्मी देवी, मंजू देवी आदि मौजूद थे।


