कृषि बैज्ञानिक केंद्र रानीचौरी की बैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक संपन्न

Uk live
0

 Team uklive



रानीचौरी : बुधवार  को वीर चन्द्र सिहं गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचैरी की 28वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक माननीय कुलपति प्रोo अजीत कुमार कर्नाटक, वीर चन्द्र सिहं गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार, पौड़ी गढ़वाल की अध्यक्षता में अतिथि गृह वानिकी महाविद्यालय, रानीचैरी में सम्पन्न हुई जिसमे कुलपति महोदय द्वारा विभिन्न तकनीकों के बारे में जानकारी साझा की तथा पुष्प व औषधीय एवं सगन्ध पौधों आदि के माध्यम से किसानो की आय बढ़ाने के सम्बन्ध में सुझाव दिये साथ ही के0वी0के0 के वैज्ञानिको के कार्यो की सराहना की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार, प्रो0 सी0 तिवारी द्वारा उपस्थित अतिथिगणों एवं प्रगतिशील किसानों का स्वागत किया साथ ही साथ उन्होने के0वी0के0 के कार्यो की प्रसन्शा करते हुये आगामी वर्ष में अंग्रिम पंक्ति प्रदर्शन व प्रशिक्षण कार्यक्रमों को किसानो की समस्यायों के अनुसार करने की निर्देश भी दिए साथ ही कहा टिहरी जिले के लिए तिलहनी व दलहनी और खाद्यानों फसलों में और अच्छे प्रबंधन तकनिकी की आवश्यकता हैं व उन्नत प्रकार के बीजों का प्रयोग करने के लिए कहा। बैठक में प्रभारी अधिकारी के0वी0के0 रानीचैरी, टिहरी गढ़वाल डा0 आलोक येवले ने केन्द्र की प्रगति समीक्षा 2021-22 तथा कार्ययोजना 2022-23 का प्रस्तुतिकरण किया साथ ही साथ ही उनके द्वारा केन्द्र की निकरा परियोजना की प्रगति आख्या वर्ष 2021-22 व वर्ष 2022-23 की कार्य योजना प्रस्तुत की।  बैठक में उपस्थित सदस्य गणों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किये। बैठक में परिसर के अधिष्ठाता, प्रो0 वी0 पी0 खण्डूड़ी ने महाविद्यालय में हो रहे कृषि की नवीनतम जानकारी दी साथ ही पारम्परिक खेती के बारे में जानकारी दी। सह निदेशक प्रसार डा0 अरविन्द विजलवाण, द्वारा औद्यनिकी एवं पशुपालन पर किसानों को तकनीकि जानकारी के बारे में अवगत कराने के सम्बन्ध में सुझाव दिया। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ अभिलाषा भट्ट द्वारा कृषि विभाग में चल रही योजनाओं के बारें में किसानों को अवगत कराया तथा अच्छी प्रजाति के बीजों को किसानो तक पहुंचाने के लिए अपने सुझाव दिए। जिला उद्यान अधिकारी पी० के ० त्यागी द्वारा उद्यान विभाग में चल रहे विभिन्न योजनाओ के बारे में सभी को अवगत कराया व औद्यानिकी सम्बंधित जानकारी साझा की। सस्य वैज्ञानिक, डा0 अजय कुमार व पादप सुरक्षा वैज्ञानिक डा0 लक्ष्मी रावत द्वारा मोटे अनाजों के उन्नतशील बीजों व कीटों एवं बिमारियों और उनके जैविक नियन्त्रण आदि के बारे में चर्चा की।

प्रगतिशील कृषक  मंगलानन्द डबराल द्वारा कीवी तथा सेब की कटाई-छटाई तथा ग्राफ्टिंग  की आवश्यकता आदि के बारे में चर्चा की साथ ही स्वदेसी ज्ञान प्रणालियों के बारे में जानकारी साँझा की। 
 मंगत सिंह नेगी द्वारा मशरूम और मधुमक्खी पालन आदि व आम लीची आदि बागवानी के बारे में चर्चा की गयी साथ ही उदय सिंह तडियाल,  कुलदीप गुंसाई व रीता नेगी आदि द्वारा उनके द्वारा खेती में बढ़ रहे उत्पादकता, गुणवत्ता आदि के बारे में अवगत कराया। अंत में मृदा वैज्ञानिक डॉ शिखा द्वारा सभी  का धन्यवाद प्रस्ताव कर  कुलपति  के आज्ञा स्वरुप कार्यक्रम का समापन किया गया। उक्त बैठक में  मुकेश कोठारी, विनोद चन्द रमेाला,  संदीप मखलोगा,  लक्ष्मी बहुगुणा, तथा वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)
Uk live चेनल / ब्लॉग उत्तराखण्ड के साथ साथ अन्य राज्यों के लोगों की मूलभूत समस्याओं को उठाने के लिए…
To Top