Team uklive
टिहरी : बीज बचाओ आंदोलन और सर्वोदय मंडल टिहरी के बैनरतले गांव , खेती , खान-पान और जैव विविधता अध्ययन के लिए अस्कोट से आराकोट तक भ्रमण कर वापस चम्बा पहुंचने पर श्रीदेवसुमन स्मारक में व्यापारियों व समाजसेवी लोगों ने स्वागत समारोह आयोजित किया । चम्बा से दस दिवसीय अध्ययन दल ने उत्तराखंड के गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के अनेक जिलों में पहाड़ो में पारंम्परिक खेती , खान-पान जैव विविधता पर लोगों से बातचीत की । अध्ययन दल ने बीज बचाओ पर भी लोगों को जागरूक किया । उन्होंने काश्तकारों को समझाया कि हमारा प्रदेश वीर भडो का रहा है उसका कारण हमारा खान पान रहा है । मंडुआ , झंगोरा , कौणी , चिणा , बारहनाजा की विविधता युक्त खेती हमें रोग मुक्त रखती थी । इम्युनिटी पॉवर यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता दवाओं नहीं वल्कि हमारे पारम्परिक खान पान से मिलती है । काफल , हिंसर , बेडू , तिमला जैसी सैकड़ों वनस्पतियों से इम्युनिटी पॉवर बढ़ती है । अस्कोट पिथौरागढ़ नेपाल सीमा से यह यात्रा आराकोट उत्तरकाशी हिमाचल प्रदेश की सीमा पर पहुंची । दस दिवसीय अध्ययन यात्रा दल ने उत्तराखंड सरकार के मुख्यमंत्री को देहरादून में रिपोर्ट सौंपी । अध्ययन दल के सदस्यों के चम्बा पहुंचते ही उनका जोरदार स्वागत किया गया । श्रीदेवसुमन स्मारक पर माल्यार्पण करने के बाद यात्री दल का माल्यार्पण किया गया । दल के सदस्यों विजय जरधारी , रघुभाई जरधारी , शशिभूषण भट्ट , शक्ति प्रसाद जोशी , ने अनेक रोचक जानकारी दी । इस अवसर पर व्यापार सभा चम्बा के विशन सिंह भण्डारी , दरमियान सिंह सजवाण , अराधना धूप के संजय बहुगुणा , सुषमा बहुगुणा , प्रगतिशील जन विकास संगठन गजा के दिनेश प्रसाद उनियाल , महेश लखेड़ा , दीनपाल , सहित अनेक व्यापारी व समाजसेवी उपस्थित रहे । स्वागत समारोह के बाद जलपान व मिष्ठान वितरण भी किया गया ।



