रिपोर्ट : ज्योति डोभाल
टिहरी : रॉड्स अध्यक्ष एवं बीजेपी नेता सुशील बहुगुणा ने पर्यावरणविद रहे सुन्दरलाल बहुगुणा के निधन पर दुःख जताते हुए इसे अपूर्णनीय छति बताते हुए कहा कि पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा ताऊ जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। यह पूरी दुनिया की मानवता और खासकर भारत और उत्तराखंड के लोगों के लिए सबसे बड़ी क्षति है। दुनिया और भारत ने वर्तमान समय के सबसे बड़े पर्यावरणविद् को खो दिया । यह हमारे लिए एक व्यक्तिगत क्षति है क्योंकि वह बहुगुणा परिवार का हिस्सा थे। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया।
उन्होंने पर्यावरण के लिए अपने आराम और भविष्य का बलिदान दिया ताकि लोग इस ग्रह पर खुशी से रह सकें। वह मेधावी थे और वन और पर्यावरण के संरक्षण पर दुनिया का नेतृत्व करने की दूरदर्शिता रखते थे। उनके इस मिशन प्राप्ति मे उनकी पत्नी ने उनका पूरा सहयोग किया जो स्वयं एक महान सामाजिक कार्यकर्ता हैं ।
. काफी मौकों पर मैंने उनसे बातचीत की थी और विशेष रूप से हिमालय के जंगलों के मुद्दों पर उनके साथ चर्चा की थी। उन्होंने पहाड़ पर युवाओं मे नशा की ओर बड रहे रूजान पर भी चिंता व्यक्त की ओर इस को रोकने के लिये आंदोलन चलाने की इच्छा प्रकट की गयी जिस पर हमारे द्वारा शराब नही संस्कार दो की मुहीम चलायी गयी ओर लोग इस मुहीम को अपना रहे हैं जिसके तहत हम अभी तक करीबन 150 शादी कर चुके हैँ जिन्होंने वकायदा कार्ड पर लिखा है शराब नही संस्कार दीजिये. उन्होंने कहा कि सुन्दरलाल बहुगुणा कई लोगों के गुरु थे और उन्होंने कई पर्यावरणविदों को तैयार किया जिसके कारण आज समाज मे वह लोग भी अपने स्तर से बिभिन्न मुहीम चला रहे हैं
एक सच्चे संत का आज देहांत हो गया लेकिन ऐसी दिव्य आत्माएं कभी नहीं मरतीं। उन्होंने जो विरासत बनाई है, उसकी सराहना की जानी चाहिए क्योंकि नेतृत्व में जो रिक्तता उन्होंने छोड़ी है उसे भरना मुश्किल है। सभी भारतीयों को प्रकृति के साथ संयमित जीवन जीने का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि महामारी और प्राकृतिक आपदाएं जैसे चक्रवात और बादल फटना प्रकृति के अत्यधिक दोहन और दुरुपयोग का परिणाम है। ऐसी पुण्यआत्मा को बारम्बार प्रणाम



