रिपोर्ट.... वीरेंद्र नेगी
देवस्थानम बोर्ड को लेकर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री का बयान दैनिक समाचार से सामने आया. उन्होंने यमनोत्री व गंगोत्री मंदिर के लिए कहा. Sdm की देख रेख में होता है. दोनों मंदिर धाम का कार्य.
इस बयान का विरोध करते हुए गंगोत्री मंदिर के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने किया. कहा जब तक कोई जानकारी न हो तब तक कोई ऐसे बयानबाजी नहीं होनी चाहिए.
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा देवस्थानम बोर्ड पर दिए गए बयान के बाद गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष व देवभूमि तीर्थ पुरोहित महापंचायत के संयोजक सुरेश सेमवाल ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है ।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को कहा कि वह पहले अध्ययन करें और उसके बाद मीडिया में सार्वजनिक बयान दें। कहां कि गंगोत्री मंदिर समिति पूर्व से ही स्वतंत्र थी। इसमें किसी भी तरह का सरकारी हस्तक्षेप नहीं रहा। गंगोत्री मंदिर समिति स्वायत्तशासी संस्था है तथा इसके पास वित्तीय व प्रबंधकीय अधिकार है। दैनिक समाचार पत्रों में पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा यह कहा गया था कि गंगोत्री और यमुनोत्री में व्यवस्थाएं एसडीएम देखते थे।


