देहरादून : आज आम आदमी पार्टी ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और उससे जुड़े हेल्पलाइन नंबरों के हालात पर राज्य सरकार को धेरते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है और हेल्पलाइन नंबर महज हाथी के दिखने वाले दांत साबित हो रहे। प्रदेश के मुखिया त्रिवेंद्र रावत ना तो स्वास्थ्य सेवाएं चला पा रहे हैं और ना ही विभागीय अधिकारी हेल्पलाइन नंबर से जनता से जुड़ पा रहे हैं। इनके हेल्पलाइन नंबर सिर्फ कागजों और विज्ञापन तक सीमित नजर आते। किसी को हेल्पलाइन से कोई जानकारी चाहिए तो आधे से ज्यादा दिए नम्बर लगते ही नहीं। आप पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रविन्द्र सिंह आनन्द ने कहा कि जो हेल्पलाइन नंबर सरकार द्वारा दिए गए हैं उनमें से ज्यादातर के नंबर नहीं लग रहे हैं इससे जनता बहुत त्रस्त है उन्होंने कहा की दून अस्पताल की नर्स ,डॉक्टर आदि स्टाफ हड़ताल पर जाने की कई बार धमकी दे चुके हैं क्योंकि लगभग कई नर्स और डॉक्टर करोना के संक्रमण में हैं और जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है । श्री आनंद ने कहा की जो ऑक्सीमीटर कैंपेन राज्य सरकार को चलाना चाहिए था वो कैंपेन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा उत्तराखंड की जनता के हितार्थ सभी 70 विधानसभाओं में चलाया जा रहा है जिसमें कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों की ऑक्सीजन की जांच कर रहे हैं ।उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में ना हेल्पलाइन नंबर ठीक चल रहे और ना ही कोरोना के टेस्ट ठीक ढंग से हो पा रहे हैं । कई केस में टेस्ट की रिपोर्ट भी लंबे समय बाद आ रही तब तक मरीज़ से वायरस कई जगह संक्रमण हो रहा। हालात ये हो गए अब सीमित टेस्ट के बाद भी आंकड़े 1000 से अधिक रोजाना आ रहे।
( रविंद्र सिंह आनंद प्रदेश प्रवक्ता आप )
इसके साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा एक-दो चिन्हित पैथोलॉजी लैब पर ही टेस्ट की अनुमति पर सवाल उठाते हुए कहा, इसके पीछे सरकार की क्या मंशा है यह तो सरकार ही जाने लेकिन जिस तरह ये सरकार उत्तराखंड की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही उससे ये जगजाहिर है कि उनको सूबे की जनता से कोई सरोकार नहीं। उन्होंने राज्य सरकार को चेताते हुए कहा कि अब भी समय है जल्द से जल्द हेल्पलाइन नंबर के साथ,जनता के स्वास्थ्य को दुरस्त नहीं किया तो ,आप उनकी इस नीति के विरोध में सड़क पर उतरेगी और जनविरोधी नीति के खात्मे तक चुप नहीं बैठेगी।


