देहरादून.. सूबे में कोरोना के लगातार बढ़ते केस को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। ऐसे हालात में सूबे के मुखिया, त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने किले से बाहर निकलने की जद्दोजहद भी नहीं कर रहे । एक तरफ पूरे प्रदेश में आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं जिससे आम मानस परेशान हैं वहीं दूसरी तरफ कोरो ना लगातार अपने पांव पसार रहा है। इस मुद्दे पर आप के प्रदेश अध्यक्ष एस एस कलेर ने इस सरकार को संवेदनहीन बताते हुए कहा रोजाना 1000 से ज्यादा केस आ रहे,सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। यहां के क्वारांटिन सेंटर में कभी शराब पी जा रही ,कभी बासी और बदबूदार खाने को लेकर मरीज़ सवाल उठा रहे हैं । आपदा की इस घड़ी में राज्य सरकार को आम जनता के लिए जो करना चाहिए था वो आप के कार्यकर्ता सूबे के 70 विधानसभा में गांव गाव जाकर कर रहे हैं। सरकार की नीति के चलते हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि सरकार के अपने मंत्री ,कई विभाग ,स्वास्थ्य सेवाओं समेत खुद मुख्यमंत्री क्वारांटिन हैं और सूबे की जनता त्राहिमाम कर रही है । जनता कसमकश में है अगर उन्हें कोई दिक्कत आ जाए तो जाना कहां है, करना क्या है ? आप अध्यक्ष कलेर ने कहा,जनता कशमकश के इस दौर में सरकार की संवेदनहीनता को अच्छी तरह देख रही और उनके नीतियों से आजिज आ चुकी। आपदा के जिस दौर में जनहित और लोगों की जान की कीमत से सरोकार होना चाहिए तब वो खुद अपने और अपनों का इलाज नहीं करवा पा रहे ,सूबे की जनता उनसे क्या उम्मीद रखे।
आज हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि अगर किसी आमजन को कोरो ना के लक्षण लग रहे हो तो वो अस्पताल जाने से डर रहा,टेस्ट करवाने से डर रहा। ।
जो सरकार जनता के दिल और दिमाग से corona का डर नहीं निकाल पाई उसके लिए शर्म से डूबने वाली बात है जबकि स्वास्थ्य महकमा खुद मुख्यमंत्री के पास है। इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जिम्मेदार हैं ।


