रिपोर्ट : वीरेन्द्र नेगी
उत्तरकाशी : कोरोना महामारी के संक्रमण ने पूरी दुनिया सहित हमारे देश को भी अपनी चपेट मे लिया है।
जिससे अपना उत्तराखंड प्रदेश भी अछूता नहीं है। सोचनीय ये भी है कि पहाड़ों के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अभी भी इस महामारी के प्रति सचेत नही है। शहरों में बड़ी जनसंख्या को नियंत्रित करने के चलते प्रशासन की टीम ग्रामीण क्षेत्रों का रुख नही कर पा रहे है.
जिससे ग्रामीण क्षेत्र अभी भी इस देशव्यापी लॉकडाउन की महत्ता को नही समझ पा रहे है। ऐसे में जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना वायरस संक्रमण को प्रभावी तरीके से रोकने हेतु पंचायतीराज संस्थाओं की जिम्मेदारियों का उचित निर्वहन किया जाय।
जिस हेतु सरकार द्वारा पंचायत प्रतिनिधियों को मजबूत कर सुरक्षा किट, दवा छिड़काव व राहत सामग्री हेतु अतिरिक्त राशि आवंटित की जानी आवश्यक है। इस राशि से स्वच्छता सामग्री तथा कोरोना संक्रमण को रोकने हेतु आवश्यक दवाओं का छिड़काव व वितरण किया जा सकता है।
इस मुहिम के तहत पंचायत प्रतिनिधियों, विकास अधिकारियों एवं पंचायत समितियों को सुदृढ़ कर प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर इस वैश्विक महामारी के संक्रमण को रोकने के प्रभावी उपाय किये जा सकते है।
यह होम क्वारेंटाइन और जनजागरूकता के प्रति लोगों को प्रेरित करने का एक सरल माध्यम भी हो सकता है। जहां देशभर में अभी भी कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, वही ये जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी रोकथाम के समय रहते जरूरी व कारगर उपाय किया जाना अति आवश्यक है।
यदि भगवान न करे ग्रामीण क्षेत्रों में इस वैश्विक महामारी ने दस्तक दे दी तो स्थिति को संभालना मुश्किल हो जाएगा।
इस गंभीर परिस्थिति को मद्देनजर रखते हुए पूर्व विधायक सजवाण ने इन मुश्किल हालातों में उत्तराखंड सरकार से अनुरोध किया है कि समय रहते ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरी संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित कर पंचायतीराज व्यवस्थाओं के माध्यम से कोरोना संक्रमण को प्रभावी तरीके से रोकने हेतु आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है हम सब मिलकर इस विषम परिस्थिति का मुकाबला कर सकते हैं।


