उत्तराखंड : मार्च का महीना आते ही होने लगते हैं नये एडमिशन और इसी के साथ शुरू हो जाता है प्राइवेट स्कूलों की मनमानी और अभिभावकों का शोषण ၊
प्राइवेट स्कूलों की बात करें तो ये स्कूल सरकार के मानको के एकदम उलट चलते हैं ၊ सरकार का इन स्कूलों पर किसी भी प्रकार का दवाब नही दिखता ၊
उत्तराखण्ड में प्राइवेट स्कूल आज भी स्कूलों में ही कॉपी - किताबे बेच रहे हैं, ये स्कूल कम दुकाने ज्यादा हो गई है ၊
स्कूल हर साल किताबों में कुछ ना कुछ बदलाव कर देता है ताकि कोई बच्चों की पुरानी किताबों का प्रयोग ना कर सके ၊
यहां तक कि सरकार के द्वारा दी गई गाइडलाइन का कोई भी प्राइवेट स्कूल पालन करता नजर नही आता ၊
जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को इतनी फुर्सत नही कि इस समय प्राइवेट स्कूलों में छापेमारी कर सके जिससे स्कूलों की पोल स्वतः ही खुल जाती कि इन्होने मां सरस्वती के मन्दिर कहे जाने वाले स्कूलों को कैसे बिजनेस में तब्दील कर दिया है ၊
अप्रैल माह में स्कूल एडमिशन के नाम पर लोगों को लूटेंगे और यह पैसा बैंक में जमा ना कराके स्कूल में ही जमा किया जाता है क्योंकि ये सारा पैसा ब्लैक मनी में आयेगा जिसका टैक्स भी सरकार को नही देना है ၊
ये प्राइवेट स्कूलों की मनमानी सरकार की नाकामी और शिक्षा अधिकारियों के निकम्मेपन को उजागर करता है ၊
Team Uk live


