उत्तरकाशी
रिपोर्ट - वीरेंद्र नेगी
स्वास्थ्य के प्रति बेहद गंभीर जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने स्वास्थ्य महकमें की बैठक लेते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की गहन समीक्षा की। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद के सभी ब्लाकों के ऐसे गरीब तबके के बच्चें जो आंगनबाड़ी व विद्यालयों में पढ़ रहें हैं तथा आंख,कान,ह्रदय आदि बिमारी से ग्रस्त हो तथा उनके माता-पिता गरीबी के कारण उनका उपचार नहीं करा पा रहें हैं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन ब्लाकों से ऐसे संर्दभित बच्चों की सूची तलब की। जिसमें विकास खण्ड डुण्डा की दुर्गा व करन, विकास खण्ड भटवाड़ी की सुखवारी, सीमरन,पीसी कुड़ियाल तथा पुरोला की दिया व दिव्या, नौगांव की साधना,सरनौल की पूजा, छटांगा से आदित्य आदि बच्चें दिल व अन्य बिमारी से ग्रस्ति मिले।
जिलाधिकारी ने कहा कि दिल की बिमारी से ग्रस्ति बच्चों का ईलाज शीघ्र ही हायर सेंटर देहरादून में किया जाएगा। इस हेतु उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को 15 दिन के भीतर सभी बच्चों को टेकअप करने के निर्देश दिए। इस हेतु सभी आवश्क सुविधाएं व व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्कूलों के प्रधानाचार्य व आंगनबाड़ी केन्द्रों से आंगनबाड़ी कार्यकत्री से भी सूची मांगने के निर्देश मुख्य षिक्षाधिकारी को दिए, ताकि ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण गहनता से हो सके। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को विकास खण्ड मोरी में 20 दिसम्बर को बृहद आई कैंप लगाने के निर्देश दिए। ताकि अधिक से अधिक बच्चों के आंखों का परीक्षण किया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा.डीपी जोशी, एसीएमओं डा. सीएस रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय डा.आरएस रावत सहित चिकित्सक मौजूद थे ।
रिपोर्ट - वीरेंद्र नेगी
स्वास्थ्य के प्रति बेहद गंभीर जिलाधिकारी डा.आशीष चौहान ने स्वास्थ्य महकमें की बैठक लेते हुए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की गहन समीक्षा की। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जनपद के सभी ब्लाकों के ऐसे गरीब तबके के बच्चें जो आंगनबाड़ी व विद्यालयों में पढ़ रहें हैं तथा आंख,कान,ह्रदय आदि बिमारी से ग्रस्त हो तथा उनके माता-पिता गरीबी के कारण उनका उपचार नहीं करा पा रहें हैं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन ब्लाकों से ऐसे संर्दभित बच्चों की सूची तलब की। जिसमें विकास खण्ड डुण्डा की दुर्गा व करन, विकास खण्ड भटवाड़ी की सुखवारी, सीमरन,पीसी कुड़ियाल तथा पुरोला की दिया व दिव्या, नौगांव की साधना,सरनौल की पूजा, छटांगा से आदित्य आदि बच्चें दिल व अन्य बिमारी से ग्रस्ति मिले।
जिलाधिकारी ने कहा कि दिल की बिमारी से ग्रस्ति बच्चों का ईलाज शीघ्र ही हायर सेंटर देहरादून में किया जाएगा। इस हेतु उन्होंने संबंधित उप जिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी को 15 दिन के भीतर सभी बच्चों को टेकअप करने के निर्देश दिए। इस हेतु सभी आवश्क सुविधाएं व व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्कूलों के प्रधानाचार्य व आंगनबाड़ी केन्द्रों से आंगनबाड़ी कार्यकत्री से भी सूची मांगने के निर्देश मुख्य षिक्षाधिकारी को दिए, ताकि ऐसे बच्चों का चिन्हीकरण गहनता से हो सके। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को विकास खण्ड मोरी में 20 दिसम्बर को बृहद आई कैंप लगाने के निर्देश दिए। ताकि अधिक से अधिक बच्चों के आंखों का परीक्षण किया जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा.डीपी जोशी, एसीएमओं डा. सीएस रावत, प्रमुख अधीक्षक जिला चिकित्सालय डा.आरएस रावत सहित चिकित्सक मौजूद थे ।


