ज्योति डोभाल (सम्पादक)
नई टिहरी - सीएमओ ऑफिस टिहरी में हुये बहुचर्चित सीनियर ट्रीटमेन्ट सुपरवाइजर घोटाले में फैसला कल यानि आठ तारीख को होने वाला है ၊
आपको बता दें इस घोटाले में माननीय उच्च न्यायालय ने तत्कालीन जिलाधिकारी सोनिका को अपने स्तर से जांच कर फैसला सुनाने के आदेश पारित किये थे परन्तु जिलाधिकारी का इस बीच तबादला हो गया ၊
इसी बीच सीएमओ और डीटीओ ने सांठगांठ बैठाकर पूर्व जिलाधिकारी सोनिका के आदेश (जब तक फैसला नही सुनाया जाता तब तक इन लोगों का नवीनीकरण ना किया जाये ) को ठेंगा दिखाकर इन लड़को का नवीनीकरण जिलाधिकारी के तबादले के तुरन्त बाद कर दिया जो कि कहीं ना कहीं सीएमओ और डीटीओ को कटघरे में खड़ा करता है ၊
वर्तमान जिलाधिकारी वी० षणमुगम ने उक्त लड़कों का पक्ष सुना और फैसला सुरक्षित रख लिया जो कि आठ अगस्त को होना है ၊
पीड़ित पक्ष ने इस मामले में फैसला ना आने तक उक्त लड़कों का नवीनीकरण ना करने का आग्रह लेटर द्वारा डीटीओ से किया था परन्तु उसके बाद भी डीटीओ ने नियमों को ठेंगा दिखाते हुये सीएमओ से नवीनीकरण करवा लिया ၊
उक्त मामले में अभ्यर्थियों की शिकायत है की जब तक यह मामला जिलाधिकारी के पास विचाराधीन है फिर भी संविदा नवीनीकरण किस आधार पर की गई जबकि पूर्व में सभी संविदा कर्मचारियों का नवीनीकरण किया गया उस सूची में 4 एस टी एस की संविदा नवीनीकरण नहीं हुआ जैसे ही पूर्व जिलाधिकारियों सोनिका जी का तबादला हुआ उसके बाद संविदा नवीनीकरण किया गया है यह पर प्रश्नचिन्ह व्यतीत होता कि यादि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संविदा नवीनीकरण करना ही था तो पूर्व जिलाधिकारी के कार्यकाल के समय क्यों नहीं किया यह एक गंभीर विषय है, क्या इन चार एस टी एस की संविदा नवीनीकरण के लिए जिलाधिकारी के तबादले का इंतजार किया जा रहा था, जोकि मुख्य चिकित्सा आधिकारी को पत्र के माध्यम से भी अवगत कराया गया था कि जब तक जिलाधिकारी उक्त आदेश पारित नहीं करते तब तक यथा स्थिति बनाए रखे और अपने स्थर से विवादित निर्णय न लें, फिर भी मुख्य चिकित्सा आधिकारी ने संविदा नवीनीकरण कर दिया है ।
अत: यदि ऐसे मामलों में कोई उच्च अधिकारी/ जिलाधिकारी/ सक्षम प्राधिकारी संविदा नवीनीकरण के लिऐ (As per guidelines) गाइडलाइन का हवाला भी देते है तो वह उन कर्मचारियों के लिए होता जिनकी सामान्य प्रक्रिया होती है कोर्ट और अन्य विवादित मामलों में जिलाधिकारी/समिति के अध्यक्ष का आनुमोदन आति आवश्यक है ! वो भी इस मामले में खुद कोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट/ सक्षम प्रधिकारी (Competent Authority) को न्याय करने हेतु आदेश दिया है, अब सवाल यह है कि जिलाधिकारी महोदय ने संविदा नवीनीकरण के लिए मुख्य चिकित्सा आधिकारी को संविदा नवीनीकरण करने के लिऐ अनुमोदन दिया या नहीं !
( मनीष नेगी पीड़ित अभ्यर्थी)
मुझे इस मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है ये मामला मेरे समय का नही है और नवीनीकरण मैने गलती से कर दिया डीटीओ मेरे पास यह बोल कर फाइल लाये थे कि इन लड़कों का तीन महीने का वेतन रुका पड़ा है जो कि नवीनीकरण के बाद ही निकल सकता है ၊
( भागीरथी जंगपांगी सीएमओ टिहरी)
मैने उन चारों लड़कों को बुलाकर उनका पक्ष भी जान लिया है और पीड़ित पक्ष का लेटर भी पढ़ा है मैने फैसला सुरक्षित रख लिया है जो कि आठ अगस्त को फैसला सुनाया जायेगा ၊
(डा० वी० षणमुगम जिलाधिकारी टिहरी)



