Kesav Rawat partapnagar
23 करोड़ खर्च फिर भी लोगों के हलक प्यासे ।
जी हां हम बात कर रहे हैं प्रतापनगर पंपिंग योजना की ।
जिसका 33 साल के लंबे इंतजार के बाद यह योजना बन पाई । लेकिन 16 करोड़ की योजना 23 करोड़ पार कर गई लेकिन प्रताप नगर वासियों के हलक आज भी प्यासे ।
2006 की स्वीकृति 2010 ,11 में योजना का शुभारंभ 2015, 16 में लगभग कार्य पूर्ण लेकिन जिन 29 -30 गांव को इससे जोड़ने का कार्य होना था वह अभी भी अधूरा है ၊
अभी तक मात्र दस बारह गांव ही इस योजना से जुड़ पाए हैं वहाँ पर भी अव्यवस्थाओं का अंबार है । लोगों को बड़ी भीड़ और लड़ झगड़ कर पानी मिलता है। प्रताप नगर के मुख्य बाजार लंबगांव को पिछले महीने इस योजना से जोड़ा गया लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जिस दिन प्रतापनगर पंपिंग योजना का पानी लंबगांव में पहुंचा उसी दिन जल संस्थान ने अपने टैंकर से बाजार में पानी वितरित किया कहने का अर्थ है की पंपिंग योजना का पानी जुड़ने के बाद समस्या खत्म हो जानी चाहिए या समस्या कम हो जानी थी लेकिन और बढ़ गई।
जल संस्थान टिहरी के एक्शन से फोन पर बात करने पर उन्होंने कहा की योजना जल निगम ने बनाई है और उसमें काफी खामियां होने के कारण पानी टैंक तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रहा है ।
वही जब जल निगम के एक्शन से फोन पर बात हुई तो उन्होंने कहा की हमारा काम योजना को बनाने का था जो हमने बनाकर आज के दिन तक लगभग 60% योजना जल संस्थान के हेड ओवर कर दी है अब पानी को लिफ्ट करना एवं पानी को डिसटीब्यूट करना जल संस्थान का काम है ।
23 करोड़ खर्च होने के बाद व 33 साल का लंबा इंतजार लेकिन दो बड़े विभागों के आपसी समन्वय ना होने के कारण लोग आज भी प्यासे हैं।
Team uk live


