बीजेपी ने अब पुराना नारा अच्छे दिन आयेंगे छोड़ कर नया नारा पेश किया है मैं हूं चौकीदार ऐसा क्यों क्योंकि अच्छे दिन आयेंगे वाला नारा अब शूट नही हो पा रहा है अच्छे दिन मोदी सरकार पिछले पांच सालों में ला ही नही पाई तो ये नारा अब लगाये भी तो कैसे अब कौन कहेगा अच्छे दिन आयेंगे ၊
अच्छे दिन तो वैसे भी नेताओं के ही आते हैं आम जनता के अच्छे दिन तो केवल चुनाव तक ही रहते हैं उस समय उनको थोड़ा बहुत रोजगार जो मिल जाता है उसके बाद तो वही रोजमर्रा की जिन्दगी
मोदी टीम में एक चीज का हुनर तो है वो है मीडिया को मैनेज कैसे करना है क्योंकि जो मीडिया दिखाती है वही जनता देखती है और जनता वही देखती है जो मोदी टीम चाहती है मतलब सिर्फ झूठ , झूठ का पुलिन्दा जनता पर मारो और चुनाव जीतो ये हम नही मोदी सरकार के अब तक के कार्यों के आंकड़े बता रहे हैं जो उन्होने मीडिया के माध्यम से परोसा है ၊
मोदी सरकार और उनकी खरीदी मीडिया के अनुसार अब तक दस करोड़ शौचालय पूरे देश में बन चुके हैं ,6 करोड़ सिलेण्डर अब तक उज्वला के माध्यम से बंट चुके हैं ,100 खरब से ज्यादा की मुद्रा योजना अब तक दी जा चुकी है , गर्भवती महिला को 6000 रुपये , दवाई व इलाज मुफ्त दिया गया , स्टील बनाने में भारत नम्बर दो पर आ गया , ये सब मीडिया के विज्ञापन द्वारा लोगों को दिखाया गया मीडिया भी विज्ञापन दिखायेगा ही उसको लाखों रुपये जो मिलते हैं एक मीडिया नही दिखायेगा तो दूसरा दिखायेगा ,दिखायें भी क्यों न आखिर विज्ञापन पर खर्च करके ही तो लोगों का मूर्ख बनाना है ၊
हमें मिले आंकड़ो के अनुसार सीवेज इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर 1969.57 करोड़ की योजना का उद्घाटन , कुछ का पहला पत्थर रखा जायेगा ये सब विज्ञापन में ही है जो कि लोगों को अच्छे दिन की याद दिलाता रहे ၊
बीते तीन महीनों में जितने उद्घघाटन , जितने लोकार्पण , फाउण्डेशन स्टोन , जितने रिबन , जितने बटन दबाकर उद्घाटन किये गये अगर उनकी लिस्ट जोड़ी जाये तो पूरे देश में 90 लाख करोड़ से ज्यादा की परियोजना का उद्घाटन बीते तीन महीनों में हो चुका है यानि योजनाओं के पिटारे के आगे विज्ञापन भी छोटे लगने लगे हैं ၊
बात की जाये विदेश यात्राओं की तो बीते 57 महीनों में 85 विदेश यात्रायें की ,190 चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया यानि हर दसवें दिन एक रैली तो क्या सब कुछ प्रचार-प्रसार पर ही टिका रहा यानी चाहे विदेश यात्रायें हों या विधानसभा चुनाव सारे मे विज्ञापनों का अनूठा खेल ၊
सरकार के सम्पर्क विभाग से मालूम चला कि जिस राज्य में चुनाव हो रहा हो उस राज्य के अखबारों के पहले पन्ने को प्रचार के लिए खरीद लिया जाये यानि कि खबर से पहले विज्ञापन जरूरी ၊
हर महीने अखबारों को औसतन 30 पन्ने का विज्ञापन जरूर दिया जाता है ताकि उस राज्य में विज्ञापन से हवा बन सके यानी गोयबल्स की थ्योरी भी इसके आगे कमजोर लगेगी ၊
Team uk live
अच्छे दिन तो वैसे भी नेताओं के ही आते हैं आम जनता के अच्छे दिन तो केवल चुनाव तक ही रहते हैं उस समय उनको थोड़ा बहुत रोजगार जो मिल जाता है उसके बाद तो वही रोजमर्रा की जिन्दगी
मोदी टीम में एक चीज का हुनर तो है वो है मीडिया को मैनेज कैसे करना है क्योंकि जो मीडिया दिखाती है वही जनता देखती है और जनता वही देखती है जो मोदी टीम चाहती है मतलब सिर्फ झूठ , झूठ का पुलिन्दा जनता पर मारो और चुनाव जीतो ये हम नही मोदी सरकार के अब तक के कार्यों के आंकड़े बता रहे हैं जो उन्होने मीडिया के माध्यम से परोसा है ၊
मोदी सरकार और उनकी खरीदी मीडिया के अनुसार अब तक दस करोड़ शौचालय पूरे देश में बन चुके हैं ,6 करोड़ सिलेण्डर अब तक उज्वला के माध्यम से बंट चुके हैं ,100 खरब से ज्यादा की मुद्रा योजना अब तक दी जा चुकी है , गर्भवती महिला को 6000 रुपये , दवाई व इलाज मुफ्त दिया गया , स्टील बनाने में भारत नम्बर दो पर आ गया , ये सब मीडिया के विज्ञापन द्वारा लोगों को दिखाया गया मीडिया भी विज्ञापन दिखायेगा ही उसको लाखों रुपये जो मिलते हैं एक मीडिया नही दिखायेगा तो दूसरा दिखायेगा ,दिखायें भी क्यों न आखिर विज्ञापन पर खर्च करके ही तो लोगों का मूर्ख बनाना है ၊
हमें मिले आंकड़ो के अनुसार सीवेज इन्फ्रास्ट्रक्चर के नाम पर 1969.57 करोड़ की योजना का उद्घाटन , कुछ का पहला पत्थर रखा जायेगा ये सब विज्ञापन में ही है जो कि लोगों को अच्छे दिन की याद दिलाता रहे ၊
बीते तीन महीनों में जितने उद्घघाटन , जितने लोकार्पण , फाउण्डेशन स्टोन , जितने रिबन , जितने बटन दबाकर उद्घाटन किये गये अगर उनकी लिस्ट जोड़ी जाये तो पूरे देश में 90 लाख करोड़ से ज्यादा की परियोजना का उद्घाटन बीते तीन महीनों में हो चुका है यानि योजनाओं के पिटारे के आगे विज्ञापन भी छोटे लगने लगे हैं ၊
बात की जाये विदेश यात्राओं की तो बीते 57 महीनों में 85 विदेश यात्रायें की ,190 चुनावी रैलियों को सम्बोधित किया यानि हर दसवें दिन एक रैली तो क्या सब कुछ प्रचार-प्रसार पर ही टिका रहा यानी चाहे विदेश यात्रायें हों या विधानसभा चुनाव सारे मे विज्ञापनों का अनूठा खेल ၊
सरकार के सम्पर्क विभाग से मालूम चला कि जिस राज्य में चुनाव हो रहा हो उस राज्य के अखबारों के पहले पन्ने को प्रचार के लिए खरीद लिया जाये यानि कि खबर से पहले विज्ञापन जरूरी ၊
हर महीने अखबारों को औसतन 30 पन्ने का विज्ञापन जरूर दिया जाता है ताकि उस राज्य में विज्ञापन से हवा बन सके यानी गोयबल्स की थ्योरी भी इसके आगे कमजोर लगेगी ၊
Team uk live


