ज्योति डोभाल संपादक
टिहरी : उत्तराखंड डिप्लोमा इंजी. महासंघ के सदस्यों की लम्बित समस्याओं के समाधान ना होने पर प्रान्तीय कार्यकारणी द्वारा घोषित आन्दोलन कार्यक्रम के प्रथम चरण के क्रम में जिला टिहरी गढ़वाल के समस्त इंजीनियर डिप्लोमा महासंघ के सदस्यों द्वारा निरीक्षण भूवन नई टिहरी में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके उपरान्त ज्ञापन जिलाधिकारी टिहरी को प्रेषित किया गया।
पदाधिकारियो एवं सदस्यों द्वारा शासन स्तर पर 27 सूत्रीय समस्याओं (वेतन विसंगतियों, एसीपी पूर्व की भांति 10वर्ष, 16, वर्ष, 26 वर्ष, समान्तर गैलरी, पुरानी पेंशन आदि) ) के समाधान नहीं होने के कारण असंतोष व्यक्त किया गया तथा दिनांक 23/02/2026 को देहरादून में आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनाये जाने हेतु रणनीति तैयार की गयी।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष (उ. डि. ई. महा. टिहरी), इंजीनियर भूपेन्द्र रावत, संचालन जनपद सचिव ई. राजेन्द्र सोढ़ी द्वारा किया गया।
इस धरना कार्यक्रम में प्रान्तीय प्रोन्नत सचिव ई. सतीश भट्ट, प्रांतीय अध्यक्ष कृषि ई. आनंद सिंह पंवार, प्रान्तीय महासचिव लघु सिचाई ई. मयंक गैरोला, मण्डलीय उपाध्यक्ष महासंघ ई. विपिन डोभाल, आदि शामिल रहें l
बता दें उत्तराखंड डिप्लोमा इंजी. महासंघ के सदस्यों की लम्बित मांगो मे कनिष्ठ अभियन्ताओं की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को दूर करते हुये, विभागों में कार्यरत कनिष्ठ अभियन्ताओं को प्रारम्भिक ग्रेड वेतन रू0 4600 दिं० 01.01. 2006 से नोशनली अनुमन्य किया जाना ।
ड्राफ्समैन के पद पर न्यूनतम 10 वर्ष की लगातार सेवा के पश्चात कनिष्ठ अभियन्ता पद पर पदोन्नति का प्राविधान है। ड्राफ्समैन का ग्रेड वेतन 4200 दिं0 01.04.2001 से अनुमन्य किया गया है जबकि कनिष्ठ अभियन्ता को ग्रेड वेतन 4600 दिं० 01.01.2009 से नोशनली अनुमन्य किया गया है जिस कारण दिं० 01.04.2001 से 31.12.2008 तक दोनो पदों का ग्रेड वेतन समान होने से कनिष्ठ अभियन्ता को वेतन में अत्यधिक हानि हो रही है।
पदोन्नति में ठहराव के कारण समस्त अभियन्त्रण विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स को पूर्ण सेवाकाल में पदोन्नति की पात्रता के अनुसार न्यूनतम 03 प्रोन्नति प्रदान की जाये अथवा पूर्व की भांति ए०सी०पी० के रूप में 10 वर्ष के पश्चात् 5400/- ग्रेड पे, 16
वर्ष के पश्चात् 6600/- ग्रेड पे, एवं 26 वर्ष के पश्चात् 8700/- ग्रेड पे, पर प्रोन्नत वेतनमान सुनिश्चित रूप से प्रदान किये जाये।
01 जनवरी, 2014 के पश्चात् विभागों में नियुक्त कनिष्ठ अभियन्ता को प्रथम एम०ए०सी०पी० के रूप में 10 वर्ष की सेवा पूर्ण किये जाने पर पूर्व की भांति ग्रेड-पे रू0 5400 (लेवल-10) दिया जाये।
प्रदेश के अभियन्ताओं हेतु 1 अक्टूबर 2005 से लागू अंशदायी पेंशन योजना (NPS) व 1 अप्रैल 2025 से लागू एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के स्थान पर पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल की जाय।
उत्तराखण्ड पेयजल निगम एवं उत्तराखण्ड जल संस्थान का राजकीयकरण /एकीकरण किया जाय।
विभिन्न अभियन्त्रण विभागों में डिप्लोमा इंजीनियर्स के पदोन्नति के अवसर कम होने के कारण, सहायक अभियन्ता से उच्चतर पदों पर पदोन्नति हेतु अन्य पर्वतीय छोटे राज्यों के समान, समानान्तर गैलरी का सृजन किया जाये। डिग्रीधारी कनिष्ठ अभियन्ताओं के पदोन्नति के ठहराव को देखते हुये प्रोन्नति की सीमा को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाये।
समस्त अभियन्त्रण विभागों में सहायक अभियन्ता के वित्तीय अधिकार बढाये जाय, जिसमें सहायक अभियन्ता को रू0 25.00 लाख तक की खुली निविदा व रू0 10.00 लाख तक की सीमित निविदा द्वारा अनुबन्ध गठित करने व अधिशासी अभियन्ताओं को रू10 लाख तक एवं सहायक अभियन्ताओं को रू0 5 लाख तक के कार्यादेश करने का अधिकार दिया जाये।
उत्तराखण्ड के तीनों ऊर्जा निगमों में राजकीय विभागों तथा अन्य निगमों की भांति कनिष्ठ अभियन्ता से सहायक अभियन्ता पद हेतु प्रोन्नति सीमा 40 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तथा डिग्रीधारी कनिष्ठ अभियन्ताओं के प्रोन्नति की सीमा 8.33 प्रतिशत से 10 प्रतिशत की जाये।
विभिन्न अभियन्त्रण विभागों में विगत काफी लम्बे समय से प्रभारी सहायक अभियन्ता के रूप में कार्य कर रहे कनिष्ठ अभियन्ताओं को सेवानिवृत्त से पूर्व, अधिसंख्यक पदों के सापेक्ष वन टाईम प्रोन्नति का लाभ दिया जाये (प्रभारी सहायक अभियन्ता पूर्व से ही सहायक अभियन्ता के पद का वेतनमान प्राप्त कर रहे हैं, जिस कारण इस प्रोन्नति से शासन पर कोई वित्तीय भार भी नहीं पडेगा)।
पी०एम०जी०एस०वाई० खण्डों हेतु लो०नि०वि० के पूर्व मे स्वीकृत रहें संवर्गीय / निसंवर्गीय खण्डों को पुर्नजीवित किया जाये एवं पी०एम०जी०एस०वाई० के कार्यों हेतु लोक निर्माण विभाग को भी पूर्व की भांति कार्यदायी संस्था बनाया जाये सहित अन्य मांगे शामिल हैं l


