ज्योति डोभाल संपादक
नई टिहरी। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के बीच एक सकारात्मक संदेश देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रंजन भंडारी एवं उनकी धर्मपत्नी संगीता भंडारी ने अपनी सुपुत्री आंचल भंडारी का विवाह पूर्णतः मांस-मदिरा मुक्त वातावरण में संपन्न कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। आंचल का विवाह विवेक रावत (सुपुत्र स्व. राजवीर सिंह रावत एवं गीता देवी, निवासी ग्राम-दियाल गांव, पोस्ट-चंबा, जनपद टिहरी गढ़वाल) के साथ वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुआ।
विवाह समारोह में सादगी, संस्कार और पारिवारिक मर्यादाओं को प्राथमिकता दी गई, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। वधू पक्ष का पैतृक निवास ग्राम-पड़िया, पट्टी-रेका, प्रतापनगर बताया गया, जबकि परिवार का वर्तमान निवास बोराड़ी, नई टिहरी है।
इस अवसर पर “शराब नहीं, संस्कार” मुहिम के संयोजक सुशील बहुगुणा एवं उनकी टीम द्वारा नववधू आंचल को नशामुक्त विवाह का संदेश देने हेतु सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार में नशे का कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा समाज को संस्कारयुक्त परंपराओं की ओर लौटना होगा।



