ज्योति डोभाल संपादक
टिहरी : ब्लॉक कांग्रेस कमेटी जाखणीधार ने राष्ट्पति को ज्ञापन प्रेषित किया जिसमे उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ज़ाखणीधार, जिला टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड प्रदेश की ओर से यह अभियान ज्ञापन ग्रामीण जनता, मनरेगा श्रमिकों, किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के समर्थन के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
कहा कि हम मनरेगा का नाम बदलने के किसी भी प्रस्ताव का पुरज़ोर विरोध करते हैं और इसे ग्रामीण भारत के हितों पर सीधा हमला मानते हैं।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से छेड़छाड़ अस्वीकार्य है साथ ही मनरेगा महात्मा गांधी के विचार—श्रम की गरिमा, आत्मनिर्भर गांव और सामाजिक न्याय—का जीवंत उदाहरण है। नाम बदलना राष्ट्रपिता की वैचारिक विरासत को मिटाने का प्रयास है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
यह रोजगार के अधिकार पर चोट है l
मनरेगा एक अधिकार-आधारित कानून है, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम आजीविका सुरक्षा दी है। नाम परिवर्तन से इस अधिकार की संवैधानिक भावना कमजोर होगी।
कहा कि बीजेपी की यह जमीनी समस्याओं से ध्यान भटकाने की साजिश है l
अब मनरेगा में सबसे बड़ी समस्याएँ होंगी जिसमे
समय पर मजदूरी का भुगतान न होना
कार्य-दिवसों में कटौती
बजट में लगातार कमी
इन मुद्दों को हल करने के बजाय नाम बदलने की चर्चा जनता को भ्रमित करने का प्रयास है।
सरकारी धन की बर्बादी कर रही है l
नाम बदलने से बोर्ड, कागज़ात, पोर्टल, प्रचार सामग्री आदि पर करोड़ों रुपये खर्च होंगे। यह पैसा सीधे-सीधे मजदूरों की बकाया मजदूरी में लगाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि कल्याणकारी योजनाएँ किसी एक दल की नहीं, बल्कि जनता की होती हैं। उनके नाम बदलकर राजनीतिक लाभ लेने की नीति के खिलाफ यह अभियान जनमत को एकजुट करने के लिए चलाया जा रहा है।
कांग्रेस ने कहा कि हमारी मांगो मे :
1. मनरेगा का नाम यथावत रखा जाए।
2. मनरेगा बजट में पर्याप्त वृद्धि की जाए।
3. सभी श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
4. प्रत्येक परिवार को कम से कम 100 दिन का रोजगार वास्तविक रूप से उपलब्ध कराया जाए।
5. योजना को कमजोर करने के सभी प्रयास तुरंत बंद किए जाएँ।
कहा कि यदि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी की और मनरेगा का नाम बदलने अथवा इसे कमजोर करने का प्रयास जारी रखा, तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस गांव-गांव, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर जन-जागरूकता अभियान, धरना-प्रदर्शन और लोकतांत्रिक आंदोलनों को और तेज करेगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
ज्ञापन देने वालो में, ब्लॉक अध्यक्ष रमेश लाल, कुशलालनंद भट्ट, आशा राम, रमेश गुनसोला, योगेश भट्ट आदि शामिल रहे l


