नारी एक मात्र व्यक्ति ही नही, अपितु एक शक्ति भी है" यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता: शान्ति प्रसाद भट्ट,प्रवक्ता उतराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी

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 टिहरी : कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता एवं एडवोकेट शांति प्रसाद भट्ट ने मणिपुर मे हुई स्तब्ध करने वाली घटना पर गहरा दुख ब्यक्त करते हुए कहा कि मणिपुर की घटना ने शर्मसार किया !

 ऐसा लगा कि हम जंगलराज में हों, विधि का शासन (Rule of law) मानो हो  नही?

उम्मीद की एक किरण मा. चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया के स्वत: संज्ञान से जगी है,,, यूं तो 

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 15(3) महिलाओं की विशेष हिफाजत करता है।

किंतु देश में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं के ख़िलाफ़ आपराधिक घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुईं है।जब से देश में भाजपा नेतृत्व की सरकार है, तब से देशभर में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध बढ़े है, कन्या भ्रूण हत्या, लैंगिग भेदभाव, यौन उत्पीडन, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा, एसिड अटैक आदि की घटनाओं में बढ़ोतरी हुईं है। , हमारे देश की यह संस्कृति और सभ्यता रही है कि  मातृ शक्ति का सम्मान हमेशा सर्वोच्च रहा है, हमारे देश में जबसे कुप्रथाओं(सती प्रथा, बहु विवाह, बालिकाओं की हत्या, बाल विवाह, दहेज प्रथा, नाता प्रथाआदि) का अंत हुआ तब से कानून में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता नियम कानुन भी समय समय बनाएं गए है।

उन्होंने कहा कि यदपि महिलाओ पर होने वाले अत्याचारो को रोकने के लिए  नारी सुरक्षा कानून बने है जैसे:

घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005

बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 

दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 

लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012(pocso Act)

PCPNDT Act गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीकी (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 

इसके अतरिक्त 

 भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धाराओ 354,366,376,304B,498A,494,312,313,314, में महिला हिंसा के खिलाफ दंड का प्राविधान है तथा दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 में भी महिलाओं के भरण पोषण का प्राविधान है ।

    इन कानूनों के अतरिक्त भी समय समय पर माननीय सर्वोच्च एवम उच्च न्यायालयो ने अनेकों मार्गदर्शी आदेेश पारित किए है जैसे मूलर बनाम ओरेगन AIR 1952 All 746 

चंद्राकुमारी बनाम पुलिस आयुक्त हैदराबाद AIR 1998AP 302

 डा. एम सी शर्मा बनाम पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ AIR 1997HC 97

 उत्तराखंड महिला कल्याण बनाम स्टेट ऑफ उत्तर प्रदेश AIR 1992SC 1965 

  रूपन देवल बजाज 

 बनाम के पी एस गिल AIR 1996SC

 जसवंत सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब एयर 2010SC 894

 विशाखा बनाम राजस्थान राज्य AIR 1997SC 3011

  गायत्री बनाम एस आर जयरमनAIR 2010

 रजनेश बनाम नेहा 2020 SC 

शांति प्रसाद भट्ट ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि

"रूल ऑफ लॉ"की पवित्र भावना को यूं कुचलना निंदनीय है. 

मणिपुर की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार में महिलाओं को निर्वस्त्र होकर परेड करवाई जाती है, और सरेआम उनके प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की जाती है !

 और यह  कुत्सित घृणित अपराध हमारे देश के उस वीर सैनिक की पत्नी के साथ किया जाता है, जिसने कारगिल युद्ध में दुश्मनों से डट कर लोहा लेकर, देश की रक्षा  की थी! इस घटना ने 140करोड़ देशवासियों को शर्मसार किया है!दुनिया भर में यह एक काले धब्बे की तरह है। किंतु भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व को कोई फर्क नही पड़ा! न तो मणिपुर की सरकार बर्खास्त हुईं न ही किसी ने अभी तक माफी मांगी,,,

यहीं नहीं मध्यप्रदेश में एक गरीब आदिवासी व्यक्ति के मुंह पर भाजपा नेता पेशाब करता है! फिर भी किसी को फर्क नहीं पड़ा! 

राजस्थान में एक दलित युवती से विद्यार्थी परिषद के लड़के रेप करते है, जिन्हें शीघ्र पुलिस पकड़ लेती है, फिर भी भाजपा नेतृत्व को कोई फर्क नहीं पड़ा।

बिलकिस बानो केस हो या उत्तरप्रदेश का उन्नाव केस हो , मिडिया /सोशल मीडिया में जो महिला अपराध खबरों में रिपोर्ट हुए उनके  पीछे भाजपा नेताओ या उसके आनुसांगिक संगठनों पर ही आरोप लगे है।

 उतराखंड के अंकिता भंडारी हत्या कांड में भी अपराधी भाजपा से ही जुड़े हुए लोग है, और वीआईपी का नाम उजागर नही हुआ है लेकिन शक की सुई कहा जा रही है सब को पता है,,

दिल्ली में ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता पहलवान बहन बेटियों के ख़िलाफ़ भी एक भाजपा सांसद बृजभूषण सिंह आरोपी है, इन बहन बेटियों के ख़िलाफ़ भी जो महिला हिंसा हुईं है, उसमे भी भाजपा नेता का ही नाम है!

   इसलिए हम कह रहे है कि भाजपा शासित राज्यों और केंद्र ने महिला हिंसा के मामलों मे निर्लज्जता की सभी हदें पार की है,,

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