Team uklive
टिहरी : रविवार को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखंड उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केंद्र रानीचौरी तथा कृषि महाविद्यालय चिरबटिया के स्नातक चतुर्थ वर्ष के छात्रों द्वारा ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव के अंतर्गत निकरा परियोजना द्वारा अंगीकृत ग्राम सेमवालगाव, विकास खंड थौलधार में एक दिवसीय कृषक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमे कृषको को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। इस कार्यक्रम में निकरा परियोजना में कार्यरत एसआरएफ उदित जोशी एवं स्नातक के छात्र राहुल चौहान, हसन बेग, दिलीप कुमार गुप्ता, पुष्कर सिंह चम्याल, हिमांशु, अखिल भट्ट, एवं रितेश भट्ट द्वारा "प्राकृतिक खेती" के चार सिद्धांतो जैसे "बीजामृत, जीवामृत, आच्छादन व वापसा" आदि के बारे में चर्चा की, तथा उन्होंने मृदा को संरक्षित करने के लिए प्राकृतिक खेती पद्धति का महत्त्व के संबद्ध में जानकारी साझा की।


