वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी : विश्व योग दिवस के अवसर पर असी गंगा घाटी के दुर्गम विद्यालय भंकोली में योग दिवस पर जूनियर रेडक्रास स्वयंसेवी व एनसीसी कैडेट्स को
प्राणायाम, भावातीत ध्यान व योगासन का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा विद्यालय की हर्बल वाटिका में रूद्राक्ष, पारिजात, स्टीबिया, सतावर तथा तुलसी के पौधे भी रोपित किए गए। प्रधानाचार्य कामदेव सिंह पंवार ने कहा कि योग से हमारे जीवन का समग्र विकास यानि शारीरिक, मानसिक, नैतिक, आध्यात्मिक व सामाजिक विकास होता है। योग जीवन जीने की कला है।
वहीं शिक्षक डॉ.शम्भू प्रसाद नौटियाल ने भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन)से परिचित कराते हुए कहा कि ट्रान्सेंडैंटल मेडिटेशन जिसे टीएम मेडिटेशन के रूप में भी जाना जाता है। यह विचलित करने वाले विचारों से बचने और अपने मन को साधने की एक बहुत ही सरल, प्राकृतिक और सहज तकनीक है। भावातीत ध्यान तकनीक भारत की प्राचीन वैदिक परंपरा से ली गई वैज्ञानिक ध्यान प्रकिया पर आधारित है।
इस अवसर अभिभावक मनबीर सिंह राणा, कार्यालय स्टाफ अनूप गुसाईं, शैलेन्द्र सिंह नेगी, सुधीर भट्ट, गीता रावत व जूनियर रेडक्रास स्वयंसेवी व एनसीसी कैडेट्स उपस्थित थे।



