Team uklive
टिहरी : राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सन्युक्त मोर्चा के बैनर तले पिछले वर्ष की ही भांति शुक्रवार को प्रांतीय नेतृत्व उत्तराखंड के आह्वान पर सम्पूर्ण उत्तराखंड में समस्त नई पेंशन पीड़ित अधिकारी वर्ग, शिक्षक वर्ग,कर्मचारी वर्ग व समस्त मार्गदर्शक वरिष्ठजनों जो कि पुरानी पेंशन से आच्छादित हैं सभी के द्वारा नई पेंशन योजना को लागू होने वाली तारीख 01 अक्टूबर को विरोधस्वरूप काला दिवस मनाया गया।उत्तराखंड में 01 अक्टूबर को ही पुरानी पेंशन योजना बंद कर दी गयी और बाज़ार आधारित नई पेंशन योजना लागू की गई।जहां सरकार पेंशन व्यवस्था को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का परोपकारी कार्य कर सभी को उचित जीवन निर्वाह देने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है वहीं दूसरी ओर सरकार उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को बंद करके चुपचाप बैठी हुई है।
संयोजक कमल नयन रतूड़ी ने कहा क्या सरकार में बैठे नुमाइंदे इस बात से मुकर सकते हैं कि हमारे पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड में यदि गांव कुछ आबाद हैं तो वो पुरानी पेंशन के बल पर ही है पलायन यदि किसी स्थिति में नही हुआ है तो पुरानी पेंशन व्यवस्था के बल पर ही है।हमारे पहाड़ी गांवों,बाज़ारों अधिकांश ग्राहक सरकारी सेवक या पुरानी पेंशन धारक ही होते हैं जिससे यहां की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है।क्या पुरानी पेंशन हमारे सहित उन नौजवान युवकों को नही मिलनी चाहिए जो बहुत परिश्रम करके सरकारी सेवा से जुड़ते हैं?नई पेंशन योजना किसी के भी हित मे नही है यह व्यवस्था सुधारनी होगी.
पुरानी पेंशन की बहाली तक हम लड़ेंगे और जीतेंगे।
उन्होंने धन्यवाद देते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली सँयुक्त मोर्चा उत्तराखंड की कोर कमेटी व गढ़वाल मंडल इकाई की ओर से आज विरोध को बल देने के लिए समस्त वरिष्ठ पुरानी पेंशन आच्छादितअधिकारी वर्ग,शिक्षकवर्ग,कर्मचारी वर्ग सहित नई पेंशन पीड़ित साथियों का हृदय की गहराई से बहुत बहुत आभार.
आप सभी से हमे शक्ति मिलती है हमे पुरुषार्थ करने का साहस मिलता है.
इस मौके पर पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष हिमांषु जगूड़ी, महामंत्री के एस बिष्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष माखन लाल, उपाध्यक्षा यमुना रावत, कविता इष्टवाल ,जसपाल रावत ,दिनेश जगूड़ी ,वरुण चौधरी ,संयोजक डी पी चमोली ,कमलनयन रतूडी उपस्थित रहे.


