पद्मश्री एम सी मेहता भारत के सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद्

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Team uklive


देहरादून : पद्मश्री एम सी मेहता भारत के सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् पद्मश्री एवं मैग्सेसे विनर एम सी मेहता जनहित में कार्य करने वाले एक भारतीय अधिवक्ता हैं। जिन्हें वर्ष 1996 में प्रदूषण बढ़ा रही औद्योगिक इकाईयों के खिलाफ भारतीय अदालतों में निरंतर केस लड़ने के लिए 'गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार' दिया गया था। वर्ष 1997 में महेश चंद्र मेहता को 'रेमन मैग्सेसे पुरस्कार' प्राप्त हुआ। यह पुरस्कार उन्हें एशिया में उनके द्वारा किये गए जनहित कार्यों के लिए दिया गया था। भारत सरकार ने भी उन्हें 2016 में नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से सम्मानित किया था। एमसी मेहता निस्संदेह भारत के  सबसे प्रसिद्ध पर्यावरण अधिवक्ता हैं। 1984 के बाद से, इनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण के हितों के समर्थन करने के लिए कई जनहित मुकदमे दायर किये जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा समर्थित उनकी सबसे प्रसिद्ध और लंबी लड़ाइयों में शामिल है ताजमहल की रक्षा करना,गंगा नदी की सफाई करना, तट पर गहन झींगा खेती पर प्रतिबंध लगाना, सरकार द्वारा स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण  शिक्षा की शुरुआत करना, और अन्य प्रकार के संरक्षण के मुद्दे। अनके कई ठोस फैसलों की बदौलत राजधानी दिल्ली में पर्यावरण की स्थिति में सुधार हुआ है। इन्होंने दिल्ली की आबोहवा को प्रदूषित करने वाले वाहनों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही दिल्ली में सीएनजी और यूरो 2 नियमों का पालन शुरू हुआ था। इतना ही नहीं उनके प्रयास से ही दिल्ली में अलग-अलग 16 से अधिक स्थानों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के आदेश भी सर्वोच्च न्यायालय ने दिए थे। उन्होंने दिल्ली में रिज क्षेत्र के बचाव के लिए भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी शीर्ष अदालत ने रिज क्षेत्र को आरक्षित घोषित कर उसके आसपास निर्माण पर रोक लगा दी। यही वजह है कि दिल्ली में हरित क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हुई है। अपने देहरादून आवास पर शिक्षक डाॅ. शम्भू प्रसाद नौटियाल  से मुलाकात में उन्होने कहा पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है जिसके लिए पर्यावरण विषय को अनिवार्य विषय बनाया गया है। वे  प्रकृति रक्षा में 79 वर्ष की उम्र मे भी तत्पर है।

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