खेल रत्न पुरस्कार से "राजीव गांधी" का नाम हटाना निंदनीय : शान्ति प्रसाद भट्ट

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"राजीव गांधी  का नाम अवार्ड से तो हटा दोगे पर भारत की महान मिट्टी में मिले उनके खून की यादों को कैसे मिटाओगे" ?

टिहरी : उतराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में "आउटरीच कमेटी के सदस्य" शान्ति प्रसाद भट्ट ने केंद्र की मोदी सरकार के इस  निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी  के नाम से वर्ष 1991-1992 से "राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार"दिए जाते रहे है, किँतु वर्तमान की केंद्र सरकार ने अपनी कुंठित मानसिकता का परिचय देते हुए भारत के महान सपूत का नाम हटा दिया है,जिसकी कड़े शब्दों में कांग्रेस निंदा करती है ।

 अच्छा होता यदि हॉकी के महान खिलाड़ी "मेजर ध्यानचन्द" के नाम से कुछ नए पुरस्कारों की घोषणा की जाती और मेजर ध्यानचंद  को भारत रत्न देते तो सराहनीय होता, किंतु राजीव गांधी जी का नाम हटा कर ध्यानचंद  का नाम लगा देना यह अच्छी नजीर नही है,

 मेजर ध्यानचंद जी का हॉकी में अविस्मरणीय योगदान रहा है,जिसे हर भारतीय कभी भुल नही सकता है उन्होंने विभन्न ओलम्पिक में 39 गोल कर विश्व रिकार्ड बना कर भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया था,और  हॉकी को पहचान दी थी, इसलिए मेजर ध्यानचंद  के नाम पर कुछ बड़ी ओर नई शुरुआत की जाती तो उसका अच्छा संदेश जाता।     

,,,वहीँ स्व.राजीव गांधी  जिन्होंने भारत को 21वी सदी में तेजी से विकसित करने वाले देशों की श्रेणी में खड़ा कर दिया था, उनके  योगदान को भुलाया नही जा सकता है, स्व. राजीव गांधी  ने देश मे कम्प्यूटर, संचार क्रांति पंचायतों को मजबूती,18वर्ष के युवक युवतियों को मतदान का अधिकार एलपीजी गैस, मेट्रो रेल आदि अनेको रचनात्मक कार्यो से छाप छोड़ दी थी, ऐसे शहीद  का नाम हटाना वर्तमान सरकार को शोभा नही देता है।

इस निर्णय से प्रतीत होता है, कि मोदी  के  मन मे अपने राजनैतिक विरोधियों के लिए कितना सम्मान है ?

   भट्ट ने तंज करते हुए कहा कि क्या मोदी  अब दीनदयाल उपाध्यायजी,,श्यामा प्रसाद मुखर्जी , अटल बिहारी बाजपेयी,अरुण जेटली और स्वयं मोदी के नाम से बने स्टेडियम और  जो भी संस्थान, पार्क आदि इनके नाम पर है, उनके नाम भी  हटा कर खिलाड़ियों के नाम पर करेगी ?

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