Team uklive
लखनऊ : केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद इमरान आजमी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी ने पीड़ित पत्रकारों की उठाई आवाज.
केन्द्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर उत्तर प्रदेश सरकार को आए दिन पत्रकारों और मीडिया कर्मियों पर बढ़ते जानलेवा हमले व पुलिस द्वारा जानबूझकर पत्रकारों को फंसाकर झूठे मुकदमे दर्ज करने पर रोक लगाने के लिए ज्ञापन पत्र सौंपा गया है
केन्द्रीय पत्रकार हेल्प एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद इमरान आजमी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनीस अंसारी, उप राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ अंसारी, राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट राहत अली, राष्ट्रीय अध्यक्ष विधि सलाहकार एडवोकेट माहेश्वर श्रीवास्तव ने निवेदन किया हैं कि संगठन पूरे उत्तर व सम्पूर्ण भारत मे काम कर रहा है आपको अवगत कराना चाहते है कि आज भारत में चौथा स्तंभ कही जाने वाली मीडिया और पत्रकारिता का हाल बद से भी बदतर है.
आज पत्रकारों को जान से मारा जा रहा है उनके बच्चे घर से बेघर हो रहे हैं पत्रकार और मीडियाकर्मी तपती दोपहरी व कड़कती ठंड में भी अपनी जान की परवाह न करते हुए कवरेज करते है और इस भारत मां की आंखें बनकर पूरी दुनिया को सच्चाई से रूबरू कराते हैं
लेकिन इसके बावजूद भी आज कुछ पुलिसकर्मी अपनी भड़ास निकालने के लिए पत्रकारों को झूठे केसों में फंसा कर जेल भेज रहे हैं जो ज्यादातर अब देखने को मिल रहा है यह सरासर संविधान का उल्लंघन है पत्रकार व मीडियाकर्मियों को कोई पुलिस अधिकारी परेशान ना करें और ना ही उन्हें झूठे केस में फंसाये क्योंकि मीडिया और पत्रकार भी पुलिस की तरह सच्चाई को उजागर करते हैं और लोगों को न्याय दिलाते हैं.
पुलिस डिपार्टमेंट में सभी कार्यालयों में सभी जिलों के एसएसपी ऑफिसों में नोटिस भेजे जाएं और उन्हें सख्त हिदायत दी जाए कि पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार ना करें क्योंकि वह भी लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पब्लिक को न्याय दिलाने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं.
पत्र मे संगठन ने कहा कि आपसे निवेदन है कि आप पत्रकारों के लिए एक कानून पास कराएं जिसमें अगर किसी पत्रकार की दुर्घटना मैं मौत हो जाती है तो उसके रोते और बिलखते परिवार को ₹50 लाख रुपए की अनुदान राशि सरकार द्वारा दी जाए ताकि वह अपना भरण-पोषण कर सके और अगर किसी पत्रकार के साथ कोई पुलिसकर्मी या गुंडा प्रवृत्ति का व्यक्ति बदसलूकी और मारपीट करता है तो उसके खिलाफ स्पेशल कोर्ट में सुनवाई की जाए.



