रिपोर्ट : वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी : उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय से 6 किमी की दूरी पर स्थित ज्ञानशू-ज्ञानजा मोटर मार्ग निर्माण में काटी गई खेती भूमि का मुआवजा न मिलने पर गुरुवार को भटवाड़ी ब्लॉक के ग्राम सभा साल्ड और ज्ञानजा के ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा।साल्ड और ज्ञानजा के दर्जनों ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ हाथ में बोरियां लेकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) विभाग पहुंचे। जहां पर ग्रामीणों ने आज दो अभी दो, अनाज दो या मुआवजा दो के नारों के साथ विभाग से मुआवजे और सड़क सुधारने की मांग की।
लेकिन विभाग में अधिशासी अभियंता के न मिलने पर ग्रामीणों ने कुछ देर एई और जेई को भी कमरे में कुंडी लगाकर बन्द रखा। जिन्हें बाद में बातचीत के लिए खोला गया।
क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुजा नेगी, ग्राम प्रधान साल्ड संजू नेगी, प्रधान ज्ञानजा ममलेश भट्ट ने कहा कि वर्ष 2014-15 में ज्ञानशू-ज्ञानजा मोटर मार्ग पर साल्ड और ज्ञानजा के ग्रामीणों की 100 से अधिक परिवारों की खेती भूमि को सड़क के लिए काटा गया। उसके 7 वर्ष बाद बीत जाने के बाद भी आज तक ग्रामीणों को न ही फसल, दबान और न ही भूमि का मुआवजा दिया गया है।
जबकि कई ग्रामीणों इसी मुआवजे की आस से कृषि ऋन लिया है और कई लोगों ने अपने मकान बनाना है। लेकिन इस सड़क पर पहले एडीबी और अब PMGSY विभाग मुआवजे के नाम बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है। ग्रामीण बोरियां लेकर पहुंचे की या तो 7 साल का अनाज दो या मुआवजा।
ग्रामीणों की उग्र रवैये को देखते हुए एई आशीष भट्ट ने अधीक्षण अभियंता PMGSY से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की फोन पर वार्ता करवाई और SC ने दो माह का समय मुआवजा देने के लिए मांगा। जिस पर ग्रामीण नहीं माने, तो अब PMGSY विभाग के ईई की और एई ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया है कि 10 सितम्बर तक ग्रामीणों का मुआवजा देना शुरू किया जाएगा।
वहीं ग्रामीणों ने विभाग और जिला प्रशासन को दिए पत्र में कहा कि अगर 10 सितम्बर तक मुआवजा नहीं मिला। तो उग्र आंदोलन के साथ ही आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
इस मौके पर ग्राम प्रधान साल्ड संजू नेगी, प्रधान ज्ञानजा ममलेश भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुजा नेगी, सुरजीत राणा, मनोज नेगी, इंद्रमणि भट्ट, पूर्व प्रधान राजेश राणा, रणवीर सिंह पंवार, बलदेव सिंह राणा,लक्ष्मण सिंह महर, जगवीर सिंह, विजयलक्ष्मी, विजया महर, आनन्द पंवार, भगवान सिंह, सन्तोष भट्ट, रविराज पंवार, हेमराज पंवार, शिवा भट्ट, जीवानन्द सेमवाल, प्रवेश राणा, भरत सिंह, शेषमल्ल,त्रिलोक, सुधीश, भगवान सिंह आदि मौजूद रहे।



