रिपोर्ट : ज्योति डोभाल
टिहरी : पर्यावण संरक्षण के हिमालयी व्यक्तित्व स्व. विशेश्वर दत्त सकलानी जी की जन्म जयंती पर बुधवार को कफलना करास के सघन बांज के वन के मध्य व सिद्ध पीठ मॉ चन्द्रबदनी के श्री चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किशोर उपाध्याय ने कहा"कि हमे अपने वनाधिकारों व हक हकूकों को लेने के लिए संकल्पित होना पड़ेगा जिससे भावी पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके, ज्ञातव्य हो कि विगत तीन वर्षों से वनाधिकार आंदोलन उतराखण्ड में वनाधिकार कानून लागू करने पुस्तैनी हक हकूकों की छति पूर्ति जिसमे परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नोकरी, केंद्र सरकार की सेवाओं में आरक्षण बिजली पानी व रसोई निशुल्क देने, जड़ी बूटियों पर स्थानीय समुदाय को अधिकार प्रदान करने ,जंगली जानवरों से जनहानि होने पर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नोकरी तथा, 25लाख रुपये छतीपुर्ति देने के लिए आंदोलन रत है ।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि मुझे भरोसा है, कि जिस प्रकार से वनऋषि महामानव विशेश्वर दत्त सकलानी जी ने 50लाख पेड़ लगाए जो आज अच्छी ऑक्सीजन दे रहे है, उसी तरह किशोर उपाध्याय के वनाधिकारों का संघर्ष फलीभूत होगा ।
पूरे विश्व मे सकलानी जी को वृक्षमानव के रूप में जाना जाता है ।
प्रधान रमेश सिह ने बांज के घने जंगलों को दिखाते हुए, कहा कि यह जंगल करा स ओर कफलना के लोगो के द्वारा संरक्षित किया गया है।
इस अवसर पर प्रधान रमेश सिह पँवार,पूर्व सदस्य BDC सुनील उपाध्याय, जगमोहन ,सूरज पवार मकान सिह, बर्फ सिह ,चैन सिह पँवार, वीरेंद्र सिंह पवार, युवराज पवार, राकेश पंवार आदि लोगो ने श्रधंजलि अर्पित की ।



