रिपोर्ट... वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी... प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पूर्व गंगोत्री विधायक विजयपाल सजवाण ने कोरोना से लड़ने की सरकारी व्यवस्था पर उठाये सवाल ?
उन्होंने क्या कहा-...............
समाचार पत्रों के हेडलाइन सरकारी दावों की पोल खोल रहे है। कृपया सरकार इन खबरों का भी जरूर संज्ञान लें!
उत्तराखंड में अब न बेड मिल रहे हैं, न इलाज और न ऑक्सीजन।
वैश्विक महामारी कोविड-19 से विगड़ते हालातों के बीच इतना असहाय, असमर्थ कभी अनुभव नहीं किया! एक इंसान होने के नाते चाहकर भी गुहार लगा रहे, मदद माँग रहे, तड़प रहे सभी ज़रूरतमंदो की मदद नहीं कर पा रहा हूँ। देहरादून और अन्य हायर सेंटरों के अस्पतालों में फोन लगवाओ तो जवाब आता है- "कुछ नहीं कर सकते सर! बेड नहीं है। इंजेक्शन नहीं है, ऑक्सीजन नहीं है। कैसे मदद करें?” उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में वेंटिलेटर तक नहीं है।
सरकार की व्यवस्था दुरुस्त करने में कोई रुचि ही नहीं? कोई ऐसी समर्थ हेल्पलाइन नहीं है जहाँ लोग फोन कर असल समय बेड,ऑक्सीजन या दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ले पाएँ। नागरिकों के लिए एक तरफ बेपरवाह व सरकारी व्यवस्था का अंधा कुआं है तो दूसरी तरफ काला बाज़ारी, मुनाफाखोरी और आँकड़ों की हेरा-फेरी।
मुसीबत के इस दौर में हम लोगों की मदद करना चाह रहे है, लेकिन एक सीमा के बाद ऑक्सीजन बेड, ICU नहीं मिल पाते, हम अपने सीमित संसाधनों और सीमित दायरे के साथ लोगों की मदद करने के लिए आगे बढ़ते हैं लेकिन व्यवस्थाओं की कमी हमे असमर्थ बना देती है। प्रदेश में लगातार हालात बेकाबू होते जा रहे है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है।
महामारी से जूझ रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए फिलहाल जल्द से जल्द कठोर और निर्णायक कदम लेने की शख्त जरूरत है।


