रिपोर्ट... ज्योति डोभाल
टिहरी... बौराड़ी पीपीपी मोड पर संचालित जिला अस्पताल के हाल बहुत बुरे हो गए है यहाँ के डॉक्टर दिन मे भी नशे मे रहते हैं जिसकी जानकारी समस्त स्टॉफ को है लेकिन इस डॉक्टर पर कभी कोई कार्यवाही नहीं होती है.
मामला बुधवार का है जहाँ पूर्व पर्यटन मंत्री दिनेश धने अपनी धर्मपत्नी को कोविड का टीका लगवाने गए थे परन्तु टीका लगवाने के बाद उनकी पत्नी के पैरो मे झनझनाहट होने लगी जिस पर डॉक्टर ने उनको पैरालिसिस होने की बात कहते हुए भर्ती करने को कह दिया जिससे उनकी पत्नी डर गई.
इस मामले मे जब पूर्व मंत्री ने डॉक्टर से बात करनी चाही तो डॉक्टर राजीव सिंघल ने उनके साथ धक्का मुक्की कर दी.
मामला इतना बढ़ गया कि सीएमओ डॉक्टर सुमन आर्य और सीएमएस डॉक्टर राय को बीच बचाव मे आना पड़ा.
धने ने बाकायदा इसकी लिखित शिकायत अस्पताल प्रबंधन को दी जिसके बाद सीएमओ सुमन आर्य ने डॉक्टर सिंघल को दोषी पाते हुए उनको निष्कासित कर दिया है और अस्पताल प्रबंधन से दूसरे डॉक्टर की मांग की है.
आपको बता दे डॉक्टर सिंघल इससे पहले नशे मे कई लोगों की गलत हड्डी जोड़ चुके हैं जिसकी शिकायत लोगों ने अस्पताल से की थी परन्तु हर बार ये नशेड़ी डॉक्टर बच जाता था परन्तु आज सीएमओ ने उक्त डॉक्टर पर कार्यवाही कर ही दी.
वहीं दिनेश धने ने डॉक्टर सिंघल का सैंपल बदले जाने की आशंका ब्यक्त की है क्योंकि उक्त डॉक्टर की पत्नी इसी अस्पताल मे कार्यरत है.
उक्त डॉक्टर नशे मे था परन्तु यदि इसी अस्पताल मे सैंपल की जाँच होती है तो सैंपल बदला जा सकता है इसी को देखते हुए धने ने उक्त डॉक्टर के सैंपल की जाँच दूसरे अस्पताल से करने की बात कही है.


