रिपोर्ट... वीरेंद्र नेगी
उत्तरकाशी... उत्तरकाशी के पहाड़ो में भारी बर्फबारी जारी है. इसके कारण हर्षिल घाटी के सेब काश्तकार मायूस नजर आ रहे हैं.
बीते दिनों की गर्मी के बाद शनिवार को जहां जनपद के निचले इलाकों में आंधी और बारिश के कारण तापमान में गिरावट देखने को मिली. तो वहीं, दोपहर बाद गंगोत्री धाम सहित हर्षिल घाटी में बर्फबारी जारी है. जहां पर्यटन के दृष्टिकोण से यह अच्छी उम्मीद है. तो वहीं, हर्षिल घाटी में हो रही बर्फबारी के कारण सेब काश्तकार मायूस हैं.
सेब काश्तकारों का कहना है कि अप्रैल माह की बर्फबारी सेब उत्पादन के लिए बड़ा नुकसान है.
गंगोत्री और हर्षिल घाटी में जबरदस्त बर्फबारी.सेब काश्तकारों का कहना है कि अप्रैल माह की बर्फबारी सेब उत्पादन के लिए बड़ा नुकसान बनकर आई है. हर्षिल के ग्राम काश्तकार ,झाला. सुक्की के सेब काश्तकारों का कहना है कि अप्रैल माह में सेब में फ्लावरिंग का समय होता है.
इस समय सेब के लिए बारिश और बर्फबारी हानिकारक होती है. वहीं, अप्रैल माह में हुई इस दूसरी बर्फबारी से सेब के पेड़ों पर जो फ्लावरिंग हुई थी, वह झड़ गई है. जिससे सेब उत्पादन को भारी नुकसान हुआ है. सेब काश्तकारों ने सरकार से मांग की है कि इस नुकसान का आकलन किया जाए.


