होम स्टे के जरिए सीमांत गांव जादूँग फिर से होगा गुलजार.ताकि बगोरी व वीरपुर डुंडा निवासी अपने पैतृक निवास स्थान पर रहने लगे

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रिपोर्ट... वीरेंद्र नेगी 

 उत्तरकाशी... होम स्टे के जरिए सीमांत गांव जादूँग फिर से होगा गुलजार.ताकि बगोरी व वीरपुर डुंडा निवासी अपने पैतृक निवास स्थान पर रहने लगे।

 मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण जादूँग वैली फिर से गुलजार होगी इसकी प्रबल  संभावना बढ़ गई है। गुरुवार को जिलाधिकारी  मयूर दीक्षित ने सीमांत गांव नेलांग व जादूँग का स्थलीय निरीक्षण किया। तथा सम्बंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए।


 इस दौरान जिलाधिकारी ने आइटीबीपी के डिप्टी कमाण्डेंट एवं उनकी टीम के साथ भी चर्चा की।


 जिलाधिकारी ने कहा कि सीमावर्ती गांव जादूँग में ग्राम बगोरी के लोगों के पुराने घरों को पर्यटकों/यात्रियों हेतु होम स्टे के रूप में विकसित करवाया जाएगा। ताकि टूरिज्म को बढ़ावा मिल सकें। जिन स्थानीय समुदाय की यहां जमीन व घर है उनके समेकित विकास के लिए हर सम्भव व्यापक रूप से कार्य किए जाएंगे। सरकार की होम स्टे जैसी महत्वकांक्षी योजना से ग्रामीणों को जोड़ा जाएगा। ताकि वे लोग रिवर्स पलायन कर अपने पैतृक निवास स्थान पर रहने लगे। 


वर्तमान में (बगोरी/वीरपुर डुंडा निवासी ) ध्यान सिंह राणा सहित दो लोग अपना होम स्टे बनाने  के इच्छुक है। जिन्हें योजना से लाभान्वित किया जाएगा।

   

 गौरतलब है कि 1962 में भारत- चीन  युद्ध के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत यह गांव खाली करवाया गया था। तब इन्हें बगोरी व वीरपुर डुंडा में बसाया गया था। ग्रामीणों की लगातार मांग रही है कि उन्हें वापस अपने पैतृक निवास स्थान पर बसाया जाय।

 ताकि यह गांव दुबारा गुलजार हो और टूरिज्म के क्षेत्र में पर्यटक की आमद इस घाटी में बढ़े।

  निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी देवेंद्र नेगी,जिला पर्यटन अधिकारी प्रकाश खत्री, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल उपस्थित रहे।

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