बच्चों को ऑनलाइन माध्यमों के ज़रिए ही यौन गतिविधियाँ करने के लिए मजबूर किया जाता है : सुशील बहुगुणा

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रिपोर्ट.... ज्योति डोभाल 



 टिहरी....बच्चों को ऑनलाइन माध्यमों के ज़रिए ही यौन गतिविधियाँ करने के लिए मजबूर किया जाता है . कम उम्र के लड़के लड़कियों को झूठे और लुभावने वादे करके बहका लिया जाता है और फिर उन्हें जबरन यौन व्यापार , बंधुआ मज़दूरी , भीख मांगने , जबरन शादी और घरेलू कामकाज में दासों की तरह इस्तेमाल किया जाता है .

यह बात बालकल्याण समिति के सुशील बहुगुणा ने ग्राम पंचायत स्युल मे चाइल्ड लाइन से जुड़े बच्चों को बाल अधिकार की गोष्टी मे दी |
बहुगुणा ने कहा कि कि बेशक इंटरनेट से लोगों के जीवन को बहुत से लाभ भी पहुंचे हैं , लेकिन चेतावनी के अंदाज़ में ये भी कहा कि इससे उन अपराधियों को भी गोपनीयता , छुपाव और धुंध का वातावरण बनाए रखने में भी मदद मिली है जो अक्सर क़ानून की पकड़ से बाहर रहते हैं .इस अवसर पर स्युल ग्राम प्रधान अनीता ने कहा कि बच्चे हमारी पूंजी है ओर पूंजी को सुरक्षित रखना भी हमारा कर्तव्य है |इस अवसर चाइल्ड लाइन की तरफ से बच्चों को मास्क व सैनिटाइजर भी वितरित किये गये कार्यक्रम मे संस्था के धर्मेंद्र पंवार ने कहा की  अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ( आईएलओ ) ने 2016 में अनुमान व्यक्त किया था कि लगभग दस लाख बच्चों को व्यासायिक रूप में यौन शोषण का शिकार बनाया गया था . मादक पदार्थों और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ( UNODC ) की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में दुनिया भर में तस्करी का शिकार बनाए गए कुल लोगों में 28 प्रतिशत बच्चे थे . इसके अलावा तस्करी का शिकार होने वाली कुल लड़कियों में से 72 प्रतिशत और कुल लड़कों की 23 प्रतिशत संख्या को केवल यौन शोषण के लिए तस्करी का शिकार बनाया गया .
इस अवसर पर कुम्भी बाला चाइल्ड लाइन से गीता बिष्ट जगदीश बडोनी ग्रामीण कुलदीप शंकुतला विनोद सिंह पार्वती बच्चे प्रिंयका अविता बबिता सोनाली एशानी रीता सूरज आशीष पायल नेहा पारी निखिल  प्रियांशु सागर साहील रीता पंकज बबिता शीतल आदी उपस्थित थे |

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