Team uklive
घोटालेबाज और भ्रम के भंवर से बाहर निकलने का सीबीआई जांच आखिरी विकल्प ,मामला 3000 करोड़ का है - आप
देहरादून.... आप प्रवक्ता उमा सिसोदिया ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि, बीजेपी सांसद मेनका गांधी द्वारा उत्तराखंड भेड एवं ऊन विकास बोर्ड में 3000 करोड रुपये की वित्तीय अनियमित्ताओं पर मुख्यमंत्री को लिखे पत्र पर जांच की मांग की थी। अब खुद विभागीय सचिव मीनाक्षी सुंदरम इस पूरे मामले में सफाई पेश कर रहे हैं। मेनका गांधी ने अपने पत्र में बोर्ड के सीईओ और विभागीय सचिव मिनाक्षी सुंदरम पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए थे। इन आरोपों में पशुआहार खरीद,बगैर पद के प्रतिनियुक्ति पर रखे कार्मिक,गाडियों और नोएडा में मकान की खरीद समेत मैरिनो भेड खरीद पर सवालिया निशान खड़ा किया था जिसको लेकर मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश देते हुए 15 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा था । वहीं अब इस मामले में विभागीय सचिव मिनाक्षी सुंदरम कह रहे कि बीजेपी सांसद को किसी ने भ्रमित किया है जबकि इतना बजट तो पूरे विभाग का भी नहीं है तो कैसे 3000 करोड रुपये की बोर्ड में अनियमित्ताएं सांसद को दिखी। जब उनके सामने सभी तथ्य रखे जाएंगे तो सांसद को पता चलेगा क्या सही है क्या ग़लत है ।
आप प्रवक्ता उमा सिसोदिया ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब इस प्रदेश में ऐसा घोटाला हुआ हो। इससे पहले भी कई घोटाले प्रदेश की जनता देख चुकी है। आप प्रवक्ता ने कहा कि अब खुद के सर पर तलवार लटक रही है तो विभागीय सचिव इसे सांसद का गुमराह होना बता रहे है। सचिव ये बताएं कि अगर बोर्ड ने गडबडी नहीं की तो, आखिर क्यों खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण में जाचं बिठाने के निर्देश दिए हैं। क्या बिना जांचे परखे ही मुख्यमंत्री किसी भी मामले की जांच करवाएंगे। विभागीय सचिव इस बयान पर अपनी सफाई दे रहे हैं जबकि मेनका गांधी इस मामले पर पहले ही सीबीआई और सीबीसीआईडी जांच की मांग कर चुकी है । आप प्रवक्ता ने कहा चाहे मेनका गांधी भ्रमित हो या विभागीय सचिव सच कह रहे हो लेकिन दोनों मामलों में जनता को गुमराह किया जा रहा है । जिसकी उच्चस्तरीय जांच या सीबीआई जांच होनी चाहिए।
आप प्रवक्ता उमा सिसोदिया ने कहा कि बीजेपी सांसद ने 3000 करोड रुपये का जिक्र अपने पत्र में किया है जबकि विभागीय सचिव कह रहे हैं कि ये योजना एनसीडीएस की योजना है जिसका पांच वर्ष का बजट 169 करोड रुपये है। इस बजट में से मात्र 25 करोड रुपये ही स्वीकृत हुए हैं जिनमें से पशुपालकों के प्रशिक्षण के नाम पर सिर्फ 7 करोड रुपये का खर्च स्वीकृत किया गया है। आखिर ये क्या गोलमाल है जिसमें जनता को उलझाया जा रहा है।
आप पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी की वरिष्ठ नेता और सांसद मेनका गांधी ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस बडे घोटाले का जिक्र किया है। जिस पर संज्ञान लेकर खुद मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच के आदेश दिए वहीं विभागीय सचिव कह रहे हैं कि इतना बजट तो पूरे पशुपालन विभाग का भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आखिर क्यों कोई सांसद बेवजह मुख्यमंत्री को इतने बडे भ्रष्टाचार की जांच के लिए पत्र लिखेगा। आप पार्टी का मानना है ये एक बहुत बडा घोटाला है जिसे दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है। बीजेपी के सांसद सवाल उठाते हैं,जांच की मांग करते है जबकि विभागीय सचिव इसको गलत बता रहे । ये आपस में मिलकर किस तरह का खेल खेल रहे । जनता को गुमराह किया जा रहा है लेकिन आप पार्टी इस घोटाले को और घोटालेबाजों को छिपने का मौका नहीं देगी। आप पार्टी इस मामले को काफी गंभीरता से ले रही हैं और इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। यही नहीं , इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी करती है । ताकि सच सामने आ सके। एक दूसरे पर आरोप लगाने और गुमराह करने से जनता को भ्रमित करने की कोशिश सरकार को नहीं करनी चाहिए और ऐसे दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि फिर कोई ऐसी हिमाकत इस प्रदेश में ना कर सके।

