अनिल राणा की कलम से
चमोली.. लॉकडाउन के चलते उत्तराखण्ड में आर्थिक संकट के कारण जहाँ लोगो ने शहरों से लौट कर गाँव की और रुख किया।वही चमोली जिले के पोखरी ब्लाक के छोटे से गाँव कांडा के स्थानीय युवा कमल ने गाँव में स्वरोजगार अपना कर स्थानीय लोगों के प्रेरित किया है।
कमल ने अपनी लगभग 10 नाली भूमि पर सब्जियों का अच्छा उत्पादन किया है ,जिसमे वे केवल जैविक खाद (गाय का गोबर) का ही प्रयोग करते है और किसी भी तरह रसायनिक खाद का वे प्रयोग नही करते है।
कमल के साथ उसके परिवार के सदस्य व छोटे भाई जो मुम्बई से लाक डाउन का शिकार होकर कम्पनी के बन्द होने के कारण गाँव वापस लौटे है उनका हाथ बढा रहे है।कमल का कहना है कि पहले गाँव में पानी की बहुत समस्या होती थी ,यहाँ खेती वाले स्थान पर केवल घास उगती थी ,उन्होंने व परिवार के सदस्यों ने यहाँ दिन रात मेहनत कर इस भूमि को खेती के योग्य बनाया व यहाँ सब्जी के उत्पादन करना शुरू किया । कमल रावत का कहना है आज स्वरोजगार करके महिने में 40 ,से 50 हजार रुपये कमा रहे है।आज लौक डाउन जा शिकार हो कर लौट आये युवाओं के लिए कमल लिए प्रेरणास्रोत बन गये है कि कृषि से भी आप रोजगार पा सकते है।


