उत्तरकाशी : राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड, जनपद शाखा उत्तरकाशी के पदाधिकारियों द्वारा पूर्व गंगोत्री विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री विजयपाल सजवाण को कोविड 19 वैश्विक महामारी के चलते कर्मचारियों के महंगाई भत्ता मे अस्थाई रोक एवं प्रत्येक माह के एक दिन के वेतन कटौती के संदर्भ में ज्ञापन देकर इसे अनुचित बताया। उन्होंने पूर्व विधायक सजवाण जी से उनकी न्यायोचित मांग को उचित स्तर पर उठाने की बात कही।
आयुर्वेदिक एवं यूनानी कर्मचारियों द्वारा बताया गया कि वैश्विक महामारी के दौरान दिन रात सेवा देने के बावजूद सरकार उनके वेतन में बिना कर्मचारियों की सहमति लिए अनैतिक निर्णय ले रही है जिससे ये कर्मी अत्यधिक निराश है। पूर्व विधायक श्री सजवाण जी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कर्मचारियों की उचित पीड़ा पर आवश्यक संज्ञान लेने का अनुरोध किया। मा0 मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे पत्र में उन्होंने इन कर्मियों के महंगाई भत्ता व प्रत्येक माह के एक दिन के वेतन कटौती के संदर्भ का जिक्र कर कहा कि कोविड 19 वैश्विक महामारी के चलते आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट भी कोरोना वारियर्स के रूप में प्रथम पंक्ति में क्वारेंटीन वार्ड, क्यू0आर0टी0, बैरियर स्कैनिंग व होम क्वारेंटीन स्कैनिंग जैसे अति संवेदनशील कार्य कर अपने पारिवारिक सदस्यों से दूरी बनाकर इस कठिन वक्त मे मानवता के नाते अपना पूर्ण योगदान दे रहे है। कोविड 19 महामारी मे दिन-रात अपनी सेवाएं दे रहे इन कर्मियों को सरकार द्वारा महंगाई भत्ते मे अस्थाई रूप से रोक लगाने व प्रत्येक माह में एक दिन के वेतन कटौती के फैसले पर अत्यंत निराशा हुई है। सरकार के इस निर्णय से कोविड 19 महामारी मे जन हितार्थ मानव सेवा में जिस उत्साह से ये कर्मी कार्य कर रहे थे उसमें कमी आ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मुश्किल वक्त मे जो कर्मचारी स्वेच्छा से अपने वेतन में कटौती कर राहत कोष में देना चाहे उसी की वेतन में कटौती करना ही न्यायसंगत है। अन्यथा बिना कर्मचारियों की सहमति के कोई भी फैसला इस मुश्किल वक्त मे इनके कार्य करने के उत्साह को कम कर महामारी से लड़ने की हमारी इस साझी लड़ाई को कमजोर करने का काम करेगी।
उन्होंने मा0 मुख्यमंत्री से आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट कर्मियों की भावना के अनुरूप महंगाई भत्ता मे अस्थाई रोक एवं प्रत्येक माह मे एक दिन की वेतन कटौती के निर्णय पर लोक कल्याण की भावना के साथ पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष श्री दुर्गेश नौटियाल, मंत्री सीमा भंडारी पूर्व संगठन अध्यक्ष विजयपाल पयाल सहित आयुर्वेदिक एवं यूनानी फार्मासिस्ट कर्मचारी ज्ञापन देने में मौजूद रहे।



