रिपोर्टर : भगवान सिंह
देहरादून - केदारनाथ धाम में हुई त्रासदी दी 7वीं वर्षी आज।
16 जून 2013 को केदारनाथ में बादल फटने से मची थी तबाही।
केदारनाथ में मंदाकिनी नदी ने प्रलयंकारी विनाश किया।
लगातार 14 जून से 16 जून तक चली बारिश तथा बादलों के फटने ने पूरे केदारनाथ में चारों तरफ पानी ही पानी कर दिया।
माना जाता है कि इस तबाही में लगभग 50,000 से अधिक व्यक्ति लापता हो गए जबकि 110,000 से अधिक लोगों को सेना ने बचा लिया।
हिन्दुओं के चार धामों में एक केदारनाथ में चट्टानें खिसकने और बर्फीले ग्लेशियर पिघलने से चारों तरफ तबाही हो गई।
मंदिर परिसर को छोड़ कर कहीं भी कुछ नहीं बचा। चारों तरफ लाशों के ढेर लग गए।
भारतीय सेना के 10,000 से अधिक जवान तथा 11 हैलीकॉप्टर्स राहत कार्य में लगे थे, जबकि नेवी के 45 गोताखोर लोगों को पानी में तलाश रहे थे और एयरफोर्स के 43 विमान लोगों को बचाने में लगे हुए थे।
लोगों को बचाने के कार्य महीने भर से भी अधिक समय तक चलता रहा फिर भी सरकारी आंकड़ों के अनुसार राहत कार्य समाप्त होने तक 6000 से भी अधिक लोग लापता थे।


