रिपोर्ट .वीरेंद्र सिंह नेगी .
उत्तरकाशी
पूर्व विधायक/प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष विजयपाल सजवाण ने राज्य सरकार द्वारा बसों के किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी किए जाने का विरोध करते हुए इसे गरीब जनता का शोषण बताया है।
बसों के किराए में भारी वृद्धि किए जाने पर कोरोना महामारी की मार झेल रही जनता पर भाजपा सरकारों द्वारा लगातार एक के बाद एक महंगाई का बोझ डाला जा रहा है।
एक ओर रोज-रोज पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए जा रहे हैं वहीं राज्य की भाजपा सरकार द्वारा बसों के किराए में बेतहाशा वृद्धि कर गरीब जनता का शोषण करने का काम किया है।
पहले से कोरोना महामारी और महंगाई की मार झेल रही जनता पर बसों के किराए के रूप में एक और बोझ डाल कर राज्य सरकार ने साबित कर दिया है कि उसे गरीब, मजदूर, बेरोजगार की कोई चिंता नहीं है।
आज देश का नौजवान घर पर बेरोजगार बैठा है, छोटा व्यापारी का काम धंधा बंद होने के कारण बेरोजगार हो गया है ऐसे में सरकार के इस निर्णय पर तरस आता है।
राज्य सरकार ने जिस तरह से डीलक्स बसों के किराए में हवाई जहाज के किराए के बराबर वृद्धि की है उससे कोई भी यात्री बस की जगह हवाई जहाज से यात्रा करना पसंद करेगा।
पिजरे में कैद राज्य सरकार की सोच और समझ दोनों खत्म हो चुकी हैं तथा सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। कोरोना महामारी की मार झेल रही जनता के लिए सरकार ने बसों का किराया बढ़ाने का फैसला कर जनता के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है।
इस सरकार की बुद्धि शुद्धि के लिए यज्ञ की आवश्यकता है। बसों का बढ़ा हुआ किराया तुरंत वापस लिया जाए तथा केंद्र सरकार द्वारा जो 20 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया है उससे बेरोजगार हो चुके टैक्सी, मैक्सी चालकों तथा बस चालकों की मदद की जाये ၊


