पिछले चालीस दिनों की मेहनत पर पानी ना फिर जाये : प्रताप पंवार

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रिपोर्ट : वीरेन्द्र नेगी
उत्तरकाशी : पिछले 40 दिनों की मेहनत पर पानी न फिर जाये?
प्रताप (प्रकाश) पंवार जिला मीडिया प्रभारी कांग्रेस का  बयान 

कोरोना संक्रमण के चलते पिछले 40 दिनों से देशव्यापी लॉकडाउन का देशभर के नागरिकों सहित हमारे उत्तरकाशी जनपदवासियों ने भी कड़ाई से पालन किया है।

 इस दौरान एहतियात के तौर पर दी गयी हर सलाह का सभी लोगों ने गंभीरता से अनुपालन भी किया है, शायद उसी का नतीजा रहा कि हम अभी तक ग्रीनजॉन यानी सेफ जॉन मे है।

 किन्तु चिंताजनक ये है कि देशभर से घर वापसी कर रहे हमारे प्रवासी भाइयों.बहिनों  की क्वारेंनटाइन की व्यवस्था सरकारी स्तर पर शून्य है।

 ग्रामीण इलाकों में शारिरिक डिस्टेंसिंग अभी भी नगण्य है, ऐसे में  क्वारेंनटाइन कितना सही है ये सोचनीय विषय है?

 बताया गया है कि  क्वारेंनटाइन के तहत ये सब ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, ग्राम पंचायत अधिकारी और क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक की निगरानी में रहेंगे, फिर भी यकीन कर पाना मुश्किल है कि गांव की सीमा के भीतर क्वारेंनटाइन का अनुपालन होगा भी या नही?

 जबकि बाहर से आने वाले प्रवासियों के लिए जनपद की सीमा पर ही क़वारेंनटाइन की उचित व्यवस्था होनी चाहिए थी, इससे किसी को एतराज भी न होता। प्रवासी भाई-बहिन रोज खुद गुहार लगा रहे है कि हमे उचित प्रशासनिक कवारेंनटाइन कर घर वापसी करवाइए,

 प्रशासनिक क्वारेंनटाइन से एक तो कड़ाई से इसका अनुपालन होता दूसरा ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार से भय का वातावरण न पनपता। भगवान न करे ये बीमारी कभी पहाड़ों में पहुंचे, फिर भी अपने नीति नियंताओं से एक अनुरोध जरूर है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की कड़ी को तोड़ने का होम क्वारेंनटाइन कोई कारगर उपाय नही है।

 अब जब अनेक लोग अपने घर गांव तक पहुंच भी चुके है तो कवारेंनटाइन का कड़ाई से अनुपालन करने के लिए उचित कार्यवाही अमल में लानी अति आवश्यक है। अभी की लापरवाही कही बड़ी मुसीबत न खड़ी कर दें इसके लिए सजग रहना भी जरूरी है।

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