वीरेन्द्र नेगी उत्तरकाशी
उत्तरकाशी : उत्तरकाशी नगर क्षेत्र के कूड़े का निस्तारण और स्थान न मिल पाने के कारण नगरपालिका बाड़ाहाट ताँबाखानी के समीप कूड़े को एकत्रित कर रहा है। जहां पर नगरपालिका की और से एक बड़ा गेट बनाकर कूड़े को बन्द किया गया है। वहीं बन्द गेट के अंदर नगरपालिका का दावा है कि कूड़े का सही तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। लेकिन बन्द गेट के पीछे की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जहां पर नगरपालिका नहीं बल्कि गंगा(भागीरथी) में कूड़े का निस्तारण हो रहा है।
uk live के exclusive वीडियो में ताँबाखानी में बन्द गेट के पीछे की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। ताँबाखानी में नगरपालिका का कर्मचारी जेसीबी के माध्यम से रोज सुबह कूड़े के निस्तारण के नाम पर कूड़े को सीधा भागीरथी नदी में फेंक रहे हैं। नगरपालिका का गेट इसलिए लगाया गया था कि कूड़े की गंध और कूड़ा बाहर न आये। लेकिन तस्वीरें कुछ और ही बन्द गेट की हकीकत का खुलासा कर रही है।
साथ ही एनजीटी के नियमों के अनुसार गंगा की स्वच्छता के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। वहीं नमामि गंगे जैसी परियोजनाओं के नाम पर नगर और गंगा की स्वच्छता के लिए लाखों करोड़ों की धनराशि खर्च की जा रही है। लेकिन उन करोड़ो की धनराशी का निचोड़ एक जेसीबी ही पूरा कर दे रही है। जो कि एक समय मे कई टन कूड़ा भागीरथी ( गंगा) नदी में फेंक रही है। जो कि नगरपालिका की गंगा स्वच्छता की योजनाओं पर भी सवाल खड़ा कर रहा है। वीडियो देखें >


