ऊधमसिंहनगर जिले के सितारगंज में तैनात एसडीएम मनीष बिष्ट को हाईकोर्ट के आदेश पर राज्यपाल के अनुमोदन के बाद आज शासन ने बर्खास्त कर दिया है. गौरतलब है कि एसडीएम मनीष बिष्ट वर्ष 2016 -17 बैच के पीसीएस अधिकारी है पीसीएस अधिकारी से पहले मनीष बिष्ट भारतीय सेना में सिपाही के पद पर 9 साल तक तैनात रहे.
सेना से वॉलंटरी रिटायरमेंट के बाद मनीष बिष्ट पीसीएस की परीक्षा पास कर आर्मी कोटे से एसडीएम बन गए पर उस दौरान पीसीएस की परीक्षा देने वाले एक तत्कालीन अभ्यर्थी ने मनीष बिष्ट पर अनियमितताओं के आधार पर नियुक्ति पाने का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की.
जिसमें तत्कालीन अभ्यार्थी ने आरोप लगाया कि मनीष बिष्ट को कम अंक मिलने के बावजूद मनीष बिष्ट का चयन एसडीएम के पद पर कर दिया गया जबकि मनीष बिष्ट से अधिक नंबर आरोप लगाने वाले अभ्यर्थी को मिले थे ၊ उधर इस पूरे मामले में लगभग 2 साल की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अभ्यर्थी की बात को सही मानते हुए मनीष बिष्ट को बर्खास्त करने के आदेश राज्य सरकार को दिए थे ၊जिसके बाद आज राज्यपाल के अनुमोदन पर शासन ने एसडीएम सितारगंज मनीष बिष्ट को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है ၊
हम आपको बता दें कि मनीष बिष्ट की पत्नी निर्मला बिष्ट एसडीएम के पद पर वर्तमान में खटीमा में तैनात हैं और मनीष बिष्ट और उनकी पत्नी का एसडीएम पद पर एक साथ चयन हुआ था ၊
उधर मनीष बिष्ट अब इस पूरे मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की शरण में जाने की बात कह रहे है।
ब्यूरो रिपोर्ट सितारगंज


