सम्पादक - ज्योति डोभाल
टिहरी लोकसभा - वोटिंग के लिए अब काउन्टडाउन शुरू हो गया है सारे प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी ओर से जोर लगा रखा है तब तक सारे प्रत्याशी जीते हुये ही हैं जब तक रिजल्ट नही आ जाता ၊
आज शाम तक गाड़ियों , रैलियों , जनसभाओं का शोर भी थम जायेगा और उसके बाद दरवाजे से दरवाजे तक की दौड़ शुरू जो कल तक चलेगी क्योंकि परसों तो वोटिंग होनी है ၊
अब बात की जाये टिहरी लोकसभा से उठे प्रत्याशियों की तो इनमें तीन नाम ही प्रमुख हैं और टिहरी लोकसभा का ताना-बाना इन्ही तीनों के इर्द-गिर्द घूमता है ၊
पहले बात की जाये गाय वाले की तो गोपालमणि महाराज गाय के मुद्दे को लेकर चुनाव मैदान में हैं उनका कहना है हिन्दू धर्म में गाय की महत्ता है और गाय हिन्दू धर्म में पूजनीय है ၊ उनका कहना है वैज्ञानिक भी गाय की महत्ता को स्वीकार करते हैं तो बीजेपी वाले गाय को क्यों महत्व नही देते भाई जब गाय की रक्षा होगी तभी तो हिन्दू धर्म की रक्षा हो सकेगी इसी मुद्दे को लेकर मै मैदान में हू और लोग इसको स्वीकार भी करते हैं कि कहीं न कही गौ माता के साथ , हिन्दू धर्म के साथ अन्याय हो रहा है जिसकी लड़ाई मुझे संसद में लड़नी है ၊
तो गोपालमणि जी का विजन तो क्लियर है कि उन्होंने संसद में धर्म , गाय , गंगा की रक्षा से जुड़े मुद्दे उठाने हैं जो सराहनीय पहल होगी ၊
अब बात करते हैं राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले दूसरे प्रत्याशी प्रीतम सिंह चौहान की -
प्रीतम सिंह चौहान राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके नाम अभी तक कोई भी चुनाव न हारने का रिकॉर्ड भी है चकराता में उनका खासा दबदबा भी है और उनको उनके मिलनसार व्यक्तित्व के कारण भी जाना जाता है ၊
प्रीतम सिंह टिहरी लोकसभा से प्रत्याशी हैं उनके विजन के बारे में पूछने पर उनका कहना है कि हमारा विजन साफ है हमने गरीबी , रोजगार , और पहाड़ के मुद्दे पर चुनाव लड़ना है क्योंकि टिहरी लोकसभा क्षेत्र रजवाड़ों के कारण पिछड़ गया और अभी तक पिछड़ा हुआ ही है तो संसद पहुंचकर सबसे पहले पहाड़ की आवाज , टिहरी क्षेत्र को उबारने की लड़ाई लड़नी है जिससे कि टिहरी लोकसभा भी अन्य लोकसभा क्षेत्रों की तरह अपनी पहचान बना सके यहां के लोगों को पलायन न करना पड़े और यहां के लोग पढ़-लिखकर यहीं पर रोजगार कर सकें ၊
उनका कहना है कि मेरा मकसद टिहरी लोकसभा क्षेत्र को विश्व पटल पर उबारना है ताकि टिहरी की पहचान टिहरी के रूप में बन सके ၊
अब बात करते हैं तीसरे एवं सिटिंग प्रत्याशी रजवाड़े परिवार की बहू महारानी राज्यलक्ष्मी शाह की -
महारानी राज्यलक्ष्मी शाह सिटिंग सांसद रही हैं और इससे पहले भी मानवेन्द्र शाह टिहरीलोकसभा से कई बार सांसद रहे राजा मानवेन्द्र शाह जी का रिकार्ड रहा है उन्होने कभी भी संसद में टिहरी की पैरवी नही की क्योंकि वो राजा थे वहींमहारानी राज्यलक्ष्मी शाह ने भी उन्ही के कार्य को आगे बढ़ाया और टिहरी की कोई पैरवी नही की ना ही सांसद निधि खर्च की क्योंकि वो महारानी हैं ၊
बात करतें हैं उनके विजन के बारे में तो उनका विजन मोदी जी का विजन है यानि अपना कोई विजन नही है उनका कहना है मोदी ने अच्छा काम किया है और आगे भी अच्छा ही करेंगे इसलिए मोदी के नाम पर लोग मुझे वोट देंगे यानि महारानी जी का अपना चेहरा अपना हुनर अपना व्यक्तित्व कुद्द नही है वो केवल मोदी के नाम पर जीतना चाहती हैं ၊
हमारी तरफ से तीनों प्रत्याशियों को अग्रिम शुभकामनायें
देखने वाली बात यह होगी कि टिहरी की जनता किस प्रत्याशी पर विश्वास जताती है क्योंकि लोकतन्त्र में जनता ही जनार्दन होती है ၊
Uk live
टिहरी लोकसभा - वोटिंग के लिए अब काउन्टडाउन शुरू हो गया है सारे प्रत्याशियों ने अपनी-अपनी ओर से जोर लगा रखा है तब तक सारे प्रत्याशी जीते हुये ही हैं जब तक रिजल्ट नही आ जाता ၊
आज शाम तक गाड़ियों , रैलियों , जनसभाओं का शोर भी थम जायेगा और उसके बाद दरवाजे से दरवाजे तक की दौड़ शुरू जो कल तक चलेगी क्योंकि परसों तो वोटिंग होनी है ၊
अब बात की जाये टिहरी लोकसभा से उठे प्रत्याशियों की तो इनमें तीन नाम ही प्रमुख हैं और टिहरी लोकसभा का ताना-बाना इन्ही तीनों के इर्द-गिर्द घूमता है ၊
पहले बात की जाये गाय वाले की तो गोपालमणि महाराज गाय के मुद्दे को लेकर चुनाव मैदान में हैं उनका कहना है हिन्दू धर्म में गाय की महत्ता है और गाय हिन्दू धर्म में पूजनीय है ၊ उनका कहना है वैज्ञानिक भी गाय की महत्ता को स्वीकार करते हैं तो बीजेपी वाले गाय को क्यों महत्व नही देते भाई जब गाय की रक्षा होगी तभी तो हिन्दू धर्म की रक्षा हो सकेगी इसी मुद्दे को लेकर मै मैदान में हू और लोग इसको स्वीकार भी करते हैं कि कहीं न कही गौ माता के साथ , हिन्दू धर्म के साथ अन्याय हो रहा है जिसकी लड़ाई मुझे संसद में लड़नी है ၊
तो गोपालमणि जी का विजन तो क्लियर है कि उन्होंने संसद में धर्म , गाय , गंगा की रक्षा से जुड़े मुद्दे उठाने हैं जो सराहनीय पहल होगी ၊
अब बात करते हैं राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले दूसरे प्रत्याशी प्रीतम सिंह चौहान की -
प्रीतम सिंह चौहान राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके नाम अभी तक कोई भी चुनाव न हारने का रिकॉर्ड भी है चकराता में उनका खासा दबदबा भी है और उनको उनके मिलनसार व्यक्तित्व के कारण भी जाना जाता है ၊
प्रीतम सिंह टिहरी लोकसभा से प्रत्याशी हैं उनके विजन के बारे में पूछने पर उनका कहना है कि हमारा विजन साफ है हमने गरीबी , रोजगार , और पहाड़ के मुद्दे पर चुनाव लड़ना है क्योंकि टिहरी लोकसभा क्षेत्र रजवाड़ों के कारण पिछड़ गया और अभी तक पिछड़ा हुआ ही है तो संसद पहुंचकर सबसे पहले पहाड़ की आवाज , टिहरी क्षेत्र को उबारने की लड़ाई लड़नी है जिससे कि टिहरी लोकसभा भी अन्य लोकसभा क्षेत्रों की तरह अपनी पहचान बना सके यहां के लोगों को पलायन न करना पड़े और यहां के लोग पढ़-लिखकर यहीं पर रोजगार कर सकें ၊
उनका कहना है कि मेरा मकसद टिहरी लोकसभा क्षेत्र को विश्व पटल पर उबारना है ताकि टिहरी की पहचान टिहरी के रूप में बन सके ၊
अब बात करते हैं तीसरे एवं सिटिंग प्रत्याशी रजवाड़े परिवार की बहू महारानी राज्यलक्ष्मी शाह की -
महारानी राज्यलक्ष्मी शाह सिटिंग सांसद रही हैं और इससे पहले भी मानवेन्द्र शाह टिहरीलोकसभा से कई बार सांसद रहे राजा मानवेन्द्र शाह जी का रिकार्ड रहा है उन्होने कभी भी संसद में टिहरी की पैरवी नही की क्योंकि वो राजा थे वहींमहारानी राज्यलक्ष्मी शाह ने भी उन्ही के कार्य को आगे बढ़ाया और टिहरी की कोई पैरवी नही की ना ही सांसद निधि खर्च की क्योंकि वो महारानी हैं ၊
बात करतें हैं उनके विजन के बारे में तो उनका विजन मोदी जी का विजन है यानि अपना कोई विजन नही है उनका कहना है मोदी ने अच्छा काम किया है और आगे भी अच्छा ही करेंगे इसलिए मोदी के नाम पर लोग मुझे वोट देंगे यानि महारानी जी का अपना चेहरा अपना हुनर अपना व्यक्तित्व कुद्द नही है वो केवल मोदी के नाम पर जीतना चाहती हैं ၊
हमारी तरफ से तीनों प्रत्याशियों को अग्रिम शुभकामनायें
देखने वाली बात यह होगी कि टिहरी की जनता किस प्रत्याशी पर विश्वास जताती है क्योंकि लोकतन्त्र में जनता ही जनार्दन होती है ၊
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